हिचकियाँ दिलाकर उलझन बढ़ा रहे हो, आँखें बंद है फिर भी नज़र आ रहे हो, इतना बता दो हमें याद कर रहे हो, ये सिर्फ अपनी याद दिला रहे हो.

हिचकियाँ दिलाकर उलझन बढ़ा रहे हो, आँखें बंद है फिर भी नज़र आ रहे हो, इतना बता दो हमें याद कर रहे हो, ये सिर्फ अपनी याद दिला रहे हो.

Share:

More Like This

पता है तुम्हें, मैं बहुत बातें करता हूँ, तुम्हारी चाँद से,अक्सर रातों में. सच्ची ये और बात है, कि मैं बताता नहीं हूँ तुम्हें..

मुझे इतना याद आकर बेचैन ना करो तुम, एक यही सितम काफी है कि साथ नहीं हो तुम…

अजीब रंगो में गुजरी है, मेरी जिंदगी, दिलों पर राज़ किया पर मोहब्बत को तरस गए..

जब भी तेरी याद आती है तब मै अपने दिल पे हाथ रखता हूं, क्युकी मुझे पता है तू कही नही मिले तो यहा जरुर मिलेगी .!!

आप हमसे दूर क्या हुए, आपकी यादें हमारे क़रीब आने लगी..

कुछ अच्छा होने पर जो इंसान सबसे पहले याद आते हैं, जिंदगी का सबसे कीमती इंसान होता है…

पता है तुम्हें, मैं बहुत बातें करता हूँ, तुम्हारी चाँद से,अक्सर रातों में. सच्ची ये और बात है, कि मैं बताता नहीं हूँ तुम्हें..

मुझे इतना याद आकर बेचैन ना करो तुम, एक यही सितम काफी है कि साथ नहीं हो तुम…

अजीब रंगो में गुजरी है, मेरी जिंदगी, दिलों पर राज़ किया पर मोहब्बत को तरस गए..

जब भी तेरी याद आती है तब मै अपने दिल पे हाथ रखता हूं, क्युकी मुझे पता है तू कही नही मिले तो यहा जरुर मिलेगी .!!

आप हमसे दूर क्या हुए, आपकी यादें हमारे क़रीब आने लगी..

कुछ अच्छा होने पर जो इंसान सबसे पहले याद आते हैं, जिंदगी का सबसे कीमती इंसान होता है…