निगाहों में दूसरा कोई आए ही न पाया, भरोसा ही कुछ ऐसा था – तेरे लौट आने का..

निगाहों में दूसरा कोई आए ही न पाया, भरोसा ही कुछ ऐसा था – तेरे लौट आने का..

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*तुझे फुर्सत कहाँ है चाहत वालो से बात करने की* *वो हम है जो हर रात तेरी खैरियत की दुआ माँग के सोते हैं यारा* miss u ****

यादें कभी फीकी नहीं पड़ती चाहे कितनी ही कोई दूर हो, जाए याद आए तो हमारे दिल में रहती हैं, चाहे कितनी ही बड़ी गलती क्यों ना हो जाए…

रहते हुए इस जहां मे मुद्दत गुज़र गई फिर भी अपने आप को अजनबी पता हु मैं…

मुझे इतना याद आकर बेचैन ना करो तुम, एक यही सितम काफी है कि साथ नहीं हो तुम…

-अगर तू वजह न पूछे तोह एक बात कहूं, बीन याद किये तुझे अब सोया नहीं जाता ..

*जिदंगी कभी रूकती नही किसी के बिना….* *पर फिर भी वो चलती नही अपने किसी खास के बिना….!

*तुझे फुर्सत कहाँ है चाहत वालो से बात करने की* *वो हम है जो हर रात तेरी खैरियत की दुआ माँग के सोते हैं यारा* miss u ****

यादें कभी फीकी नहीं पड़ती चाहे कितनी ही कोई दूर हो, जाए याद आए तो हमारे दिल में रहती हैं, चाहे कितनी ही बड़ी गलती क्यों ना हो जाए…

रहते हुए इस जहां मे मुद्दत गुज़र गई फिर भी अपने आप को अजनबी पता हु मैं…

मुझे इतना याद आकर बेचैन ना करो तुम, एक यही सितम काफी है कि साथ नहीं हो तुम…

-अगर तू वजह न पूछे तोह एक बात कहूं, बीन याद किये तुझे अब सोया नहीं जाता ..

*जिदंगी कभी रूकती नही किसी के बिना….* *पर फिर भी वो चलती नही अपने किसी खास के बिना….!