अगर रो कर भूलाएं जाती यादें, तो हंसकर कोई गम ना छुपाता…
कब तक बहाना बनाता रहूँ आँख में कचरा चले जाने का, लो आज सरेआम कहता हूँ के, मैं तुझे याद करके रोता हूँ..
कैसे करूँ मैं साबित…कि तुम याद बहुत आते हो… एहसास तुम समझते नही…और अदाएं हमे आती नहीं…
कभी किसी का जो होता था इंतज़ार हमें, बड़ा ही शाम-ओ-सहर का हिसाब रखते थे..
कुछ अच्छा होने पर जो इंसान सबसे पहले याद आते हैं, जिंदगी का सबसे कीमती इंसान होता है…
कोशिशें मेरी हर रोज नाकाम हो जाती है… ? यादें तेरी जकड़ ही लेती है शाम होते-होते!!
अगर रो कर भूलाएं जाती यादें, तो हंसकर कोई गम ना छुपाता…
कब तक बहाना बनाता रहूँ आँख में कचरा चले जाने का, लो आज सरेआम कहता हूँ के, मैं तुझे याद करके रोता हूँ..
कैसे करूँ मैं साबित…कि तुम याद बहुत आते हो… एहसास तुम समझते नही…और अदाएं हमे आती नहीं…
कभी किसी का जो होता था इंतज़ार हमें, बड़ा ही शाम-ओ-सहर का हिसाब रखते थे..
कुछ अच्छा होने पर जो इंसान सबसे पहले याद आते हैं, जिंदगी का सबसे कीमती इंसान होता है…
कोशिशें मेरी हर रोज नाकाम हो जाती है… ? यादें तेरी जकड़ ही लेती है शाम होते-होते!!