“गम हूँ, दर्द हूँ, साज हूँ, या आवाज हूँ, बस जो भी हूँ, मैं तुम बिन बहुत #Sad हूँ ।”

“गम हूँ, दर्द हूँ, साज हूँ, या आवाज हूँ, बस जो भी हूँ, मैं तुम बिन बहुत #Sad हूँ ।”

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जितना तू मुझे भुला रही है ! उतना ही दिल को तेरी याद आ रही है.

वफ़ा का नाम न लो यारो, वफ़ा दिल को दुकहाती है, जब भी वफ़ा का नाम लेते है, हमे एक बेवफा की याद आती है.

नींद पिछली सदी से ज़ख्मी है ख़्वाब अगली सदी के देखते हैं

भले ही तुझसे आज दूर हूँ पगली, लेकिन तेरी फिक्र करना मुझे आज भी अच्छा लगता है..

यादें क्यों नहीं बिछड़ जातीं, लोग तो पल में बिछड़ जाते हैं..

नींद आये न आये रातों को,, मग़र,,उनकी याद,,बराबर आती रहती है।।

जितना तू मुझे भुला रही है ! उतना ही दिल को तेरी याद आ रही है.

वफ़ा का नाम न लो यारो, वफ़ा दिल को दुकहाती है, जब भी वफ़ा का नाम लेते है, हमे एक बेवफा की याद आती है.

नींद पिछली सदी से ज़ख्मी है ख़्वाब अगली सदी के देखते हैं

भले ही तुझसे आज दूर हूँ पगली, लेकिन तेरी फिक्र करना मुझे आज भी अच्छा लगता है..

यादें क्यों नहीं बिछड़ जातीं, लोग तो पल में बिछड़ जाते हैं..

नींद आये न आये रातों को,, मग़र,,उनकी याद,,बराबर आती रहती है।।