झगड़ा तभी होता है जब दर्द होता है, और दर्द तब होता है जब प्यार होता है…
कुछ इस तरह से मैंने अपनी ज़िन्दगी को आसान किया, कुछ से माफ़ी मांगी, कुछ को माफ़ किया.
तुम्हारा ऐटिटूड भी सह लेंगे तुम्हारा खर्चा भी सह लेंगे हर एक बात हमें तेरी मंज़ूर बस एक बात से लगता है डर गुस्सा न होया कर तू.
अगर तुम देखना चाहो मेरे आँखों मै आंसु, तो मै रो रो के कहता हूं “चलो बस अब मान जाओ न”
वो गुस्से में दूर से ही निहारा करते हैं, क्या बात हैं जाने क्यूँ इतने खफ़ा लगते हैं, कोई खता हुई हमसे तो बख्श दीजिये, हम तो हर वक्त आप ही को याद किया करते हैं
इस कदर हमसे रूठ ना जाइये, माना गलती हुई हैं हमसे, पर ऐसे खामोश ना हो जाइये, जो दोगे सजा होगी क़ुबूल हमें, बस एक बार मुस्कुरा जाइये
झगड़ा तभी होता है जब दर्द होता है, और दर्द तब होता है जब प्यार होता है…
कुछ इस तरह से मैंने अपनी ज़िन्दगी को आसान किया, कुछ से माफ़ी मांगी, कुछ को माफ़ किया.
तुम्हारा ऐटिटूड भी सह लेंगे तुम्हारा खर्चा भी सह लेंगे हर एक बात हमें तेरी मंज़ूर बस एक बात से लगता है डर गुस्सा न होया कर तू.
अगर तुम देखना चाहो मेरे आँखों मै आंसु, तो मै रो रो के कहता हूं “चलो बस अब मान जाओ न”
वो गुस्से में दूर से ही निहारा करते हैं, क्या बात हैं जाने क्यूँ इतने खफ़ा लगते हैं, कोई खता हुई हमसे तो बख्श दीजिये, हम तो हर वक्त आप ही को याद किया करते हैं
इस कदर हमसे रूठ ना जाइये, माना गलती हुई हैं हमसे, पर ऐसे खामोश ना हो जाइये, जो दोगे सजा होगी क़ुबूल हमें, बस एक बार मुस्कुरा जाइये