इस दिल को किसी की आहट की आस रहती है, निगाहों को किसी सूरत की प्यास रहती है, तेरे बिना जिंदगी में कोई कमी तो नहीं, फिर भी तेरे बिना जिंदगी उदास रहती है!!
रूठी हो जनता हु मै, खफा हो मानता हु मै, गलती हुई है अब माफ़ कर दो, इतना सितम करोगे तो कही मर जाऊ न मैं.
हम से कोई गिला हो जाए तो सॉरी, आपको याद ना कर पाए तो सॉरी, वैसे दिल से आपको भूलेंगे नहीं, और हमारी धड़कन ही रुक जाए तो सॉरी…..
संध्या की बैचेनी हैं तू, तेरी यादें इस कदर सताती हैं, दौड़ कर चले आते जहाँ हैं तू, काश हम पता जान पाते
वो गुस्से में दूर से ही निहारा करते हैं, क्या बात हैं जाने क्यूँ इतने खफ़ा लगते हैं, कोई खता हुई हमसे तो बख्श दीजिये, हम तो हर वक्त आप ही को याद किया करते हैं
अपनों को कभी सताया नहीं जाता, अपनों को कभी मनाया नहीं जाता. रूठता वही है जो आपको अपना समझे, क्यूंकि ये हक़ गैरों पे जताया नहीं जाता.
इस दिल को किसी की आहट की आस रहती है, निगाहों को किसी सूरत की प्यास रहती है, तेरे बिना जिंदगी में कोई कमी तो नहीं, फिर भी तेरे बिना जिंदगी उदास रहती है!!
रूठी हो जनता हु मै, खफा हो मानता हु मै, गलती हुई है अब माफ़ कर दो, इतना सितम करोगे तो कही मर जाऊ न मैं.
हम से कोई गिला हो जाए तो सॉरी, आपको याद ना कर पाए तो सॉरी, वैसे दिल से आपको भूलेंगे नहीं, और हमारी धड़कन ही रुक जाए तो सॉरी…..
संध्या की बैचेनी हैं तू, तेरी यादें इस कदर सताती हैं, दौड़ कर चले आते जहाँ हैं तू, काश हम पता जान पाते
वो गुस्से में दूर से ही निहारा करते हैं, क्या बात हैं जाने क्यूँ इतने खफ़ा लगते हैं, कोई खता हुई हमसे तो बख्श दीजिये, हम तो हर वक्त आप ही को याद किया करते हैं
अपनों को कभी सताया नहीं जाता, अपनों को कभी मनाया नहीं जाता. रूठता वही है जो आपको अपना समझे, क्यूंकि ये हक़ गैरों पे जताया नहीं जाता.