वो गुस्से में दूर से ही निहारा करते हैं, क्या बात हैं जाने क्यूँ इतने खफ़ा लगते हैं, कोई खता हुई हमसे तो बख्श दीजिये, हम तो हर वक्त आप ही को याद किया करते हैं
इस कदर हमसे रूठ ना जाइये, माना गलती हुई हैं हमसे, पर ऐसे खामोश ना हो जाइये, जो दोगे सजा होगी क़ुबूल हमें, बस एक बार मुस्कुरा जाइये
जब भरोसा टूट जाता है.. तब सॉरी की कोई वैल्यू नहीं रहती….
माना कि हम बहुत लड़ते हे मगर प्यार भी बहुत करते है हमारे गुस्से की वजह से नाराज न हो जाना हम गुस्सा ऊपर से और प्यार दिल्से करते हे. सॉरी जी कान पकड़ते है :
सितम सारे हमारे, छाँट लिया करो, नाराजगी से अच्छा, डांट लिया करो!!
अगर तुम देखना चाहो मेरे आँखों मै आंसु, तो मै रो रो के कहता हूं “चलो बस अब मान जाओ न”
वो गुस्से में दूर से ही निहारा करते हैं, क्या बात हैं जाने क्यूँ इतने खफ़ा लगते हैं, कोई खता हुई हमसे तो बख्श दीजिये, हम तो हर वक्त आप ही को याद किया करते हैं
इस कदर हमसे रूठ ना जाइये, माना गलती हुई हैं हमसे, पर ऐसे खामोश ना हो जाइये, जो दोगे सजा होगी क़ुबूल हमें, बस एक बार मुस्कुरा जाइये
जब भरोसा टूट जाता है.. तब सॉरी की कोई वैल्यू नहीं रहती….
माना कि हम बहुत लड़ते हे मगर प्यार भी बहुत करते है हमारे गुस्से की वजह से नाराज न हो जाना हम गुस्सा ऊपर से और प्यार दिल्से करते हे. सॉरी जी कान पकड़ते है :
सितम सारे हमारे, छाँट लिया करो, नाराजगी से अच्छा, डांट लिया करो!!
अगर तुम देखना चाहो मेरे आँखों मै आंसु, तो मै रो रो के कहता हूं “चलो बस अब मान जाओ न”