वो गुस्से में दूर से ही निहारा करते हैं, क्या बात हैं जाने क्यूँ इतने खफ़ा लगते हैं, कोई खता हुई हमसे तो बख्श दीजिये, हम तो हर वक्त आप ही को याद किया करते हैं
सितम सारे हमारे, छाँट लिया करो, नाराजगी से अच्छा, डांट लिया करो!!
हम से कोई गिला हो जाए तो सॉरी, आपको याद ना कर पाए तो सॉरी, वैसे दिल से आपको भूलेंगे नहीं, और हमारी धड़कन ही रुक जाए तो सॉरी…..
कुछ इस तरह से मैंने अपनी ज़िन्दगी को आसान किया, कुछ से माफ़ी मांगी, कुछ को माफ़ किया.
जब भरोसा टूट जाता है.. तब सॉरी की कोई वैल्यू नहीं रहती….
अगर तुम देखना चाहो मेरे आँखों मै आंसु, तो मै रो रो के कहता हूं “चलो बस अब मान जाओ न”
वो गुस्से में दूर से ही निहारा करते हैं, क्या बात हैं जाने क्यूँ इतने खफ़ा लगते हैं, कोई खता हुई हमसे तो बख्श दीजिये, हम तो हर वक्त आप ही को याद किया करते हैं
सितम सारे हमारे, छाँट लिया करो, नाराजगी से अच्छा, डांट लिया करो!!
हम से कोई गिला हो जाए तो सॉरी, आपको याद ना कर पाए तो सॉरी, वैसे दिल से आपको भूलेंगे नहीं, और हमारी धड़कन ही रुक जाए तो सॉरी…..
कुछ इस तरह से मैंने अपनी ज़िन्दगी को आसान किया, कुछ से माफ़ी मांगी, कुछ को माफ़ किया.
जब भरोसा टूट जाता है.. तब सॉरी की कोई वैल्यू नहीं रहती….
अगर तुम देखना चाहो मेरे आँखों मै आंसु, तो मै रो रो के कहता हूं “चलो बस अब मान जाओ न”