सोचता हूँ ज़िंदा हूँ मांग लूं सब से माफ़ी, नजाने मरने के बाद कोई माफ़ करे या न करे. स्पेशल सॉरी टु यू..
संध्या की बैचेनी हैं तू, तेरी यादें इस कदर सताती हैं, दौड़ कर चले आते जहाँ हैं तू, काश हम पता जान पाते
हाल-इ-दिल किससे कहे अपना, वो तो नाराज़ हुए बैठे हैं.. हम तो तैयार हैं मानाने क लिए, फिर भी वो जिद्द पे अड़े बैठे हैं..
छोटी बातों पे तकरार न किआ करो, हर मजाक को दिल पे न लिअ करो, क्या पता साथ है और कितने दिन का, इन पलो को तो प्यार से हमारे साथ जिया करो.
माना भूल हो गई हैं हमसे, पर इस तरह रूठों ना मेरे सनम, एक बार नज़रे उठा कर देखों हमें, हम दौबारा ना करेंगे, ये खता, हैं कसम
दिन चढ़ा, दिन ढला, पर मेरा दिल उदास ही था, मुझसे कोई बहुत नाराज हैं, इसलिए आज हर पंछी उदास था.
सोचता हूँ ज़िंदा हूँ मांग लूं सब से माफ़ी, नजाने मरने के बाद कोई माफ़ करे या न करे. स्पेशल सॉरी टु यू..
संध्या की बैचेनी हैं तू, तेरी यादें इस कदर सताती हैं, दौड़ कर चले आते जहाँ हैं तू, काश हम पता जान पाते
हाल-इ-दिल किससे कहे अपना, वो तो नाराज़ हुए बैठे हैं.. हम तो तैयार हैं मानाने क लिए, फिर भी वो जिद्द पे अड़े बैठे हैं..
छोटी बातों पे तकरार न किआ करो, हर मजाक को दिल पे न लिअ करो, क्या पता साथ है और कितने दिन का, इन पलो को तो प्यार से हमारे साथ जिया करो.
माना भूल हो गई हैं हमसे, पर इस तरह रूठों ना मेरे सनम, एक बार नज़रे उठा कर देखों हमें, हम दौबारा ना करेंगे, ये खता, हैं कसम
दिन चढ़ा, दिन ढला, पर मेरा दिल उदास ही था, मुझसे कोई बहुत नाराज हैं, इसलिए आज हर पंछी उदास था.