कुछ इस तरह से मैंने अपनी ज़िन्दगी को आसान किया, कुछ से माफ़ी मांगी, कुछ को माफ़ किया.
मिले हो आप मुझको तो दूर न जाना, कुछ पल साथ चल कर मुझे भूल न जाना, ज़िन्दगी में मुझे छोड़ न जाना, गलती हो तो माफ़ कर देना पर मुँह मोड़ न जाना.
हमसे खता हुई है अनजाने में, आगे से ऐसा न करेंगे जाने में, बड़ी मुश्किल से मिले हैं आप, नहीं जाइये छोड़कर हमें इस वीराने में. ऍम सो सॉरी
इस दिल को किसी की आहट की आस रहती है, निगाहों को किसी सूरत की प्यास रहती है, तेरे बिना जिंदगी में कोई कमी तो नहीं, फिर भी तेरे बिना जिंदगी उदास रहती है!!
संध्या की बैचेनी हैं तू, तेरी यादें इस कदर सताती हैं, दौड़ कर चले आते जहाँ हैं तू, काश हम पता जान पाते
शब्दों का जाल कुछ गलत बुन लिया, पर मेरे दिल में वैसी बात ना थी, शर्मिंदा हूँ खुद अपने अल्फाजों के लिए, क्यूंकि खुद से ऐसी उम्मीद ना थी..
कुछ इस तरह से मैंने अपनी ज़िन्दगी को आसान किया, कुछ से माफ़ी मांगी, कुछ को माफ़ किया.
मिले हो आप मुझको तो दूर न जाना, कुछ पल साथ चल कर मुझे भूल न जाना, ज़िन्दगी में मुझे छोड़ न जाना, गलती हो तो माफ़ कर देना पर मुँह मोड़ न जाना.
हमसे खता हुई है अनजाने में, आगे से ऐसा न करेंगे जाने में, बड़ी मुश्किल से मिले हैं आप, नहीं जाइये छोड़कर हमें इस वीराने में. ऍम सो सॉरी
इस दिल को किसी की आहट की आस रहती है, निगाहों को किसी सूरत की प्यास रहती है, तेरे बिना जिंदगी में कोई कमी तो नहीं, फिर भी तेरे बिना जिंदगी उदास रहती है!!
संध्या की बैचेनी हैं तू, तेरी यादें इस कदर सताती हैं, दौड़ कर चले आते जहाँ हैं तू, काश हम पता जान पाते
शब्दों का जाल कुछ गलत बुन लिया, पर मेरे दिल में वैसी बात ना थी, शर्मिंदा हूँ खुद अपने अल्फाजों के लिए, क्यूंकि खुद से ऐसी उम्मीद ना थी..