चाँद तो हमसे दूर हैं, हम तो तेरे नूर पर फ़िदा हैं, ना जाने तू रूठा क्यूँ हैं हमसे, फिर भी सजा पाने खड़े हैं कबसे..

चाँद तो हमसे दूर हैं, हम तो तेरे नूर पर फ़िदा हैं, ना जाने तू रूठा क्यूँ हैं हमसे, फिर भी सजा पाने खड़े हैं कबसे..

Share:

More Like This

दिल अनजाने में टूट जाते हैं हमसे…. क्युकी झूठी कहानी, बोल के मनना मेरी आदत नहीं….. मुझे माफ़ कर दो… क्युकी तुझे रुलाना मेरी आदत नहीं…

वो गुस्से में दूर से ही निहारा करते हैं, क्या बात हैं जाने क्यूँ इतने खफ़ा लगते हैं, कोई खता हुई हमसे तो बख्श दीजिये, हम तो हर वक्त आप ही को याद किया करते हैं

तुम्हारा ऐटिटूड भी सह लेंगे तुम्हारा खर्चा भी सह लेंगे हर एक बात हमें तेरी मंज़ूर बस एक बात से लगता है डर गुस्सा न होया कर तू.

कुछ इस तरह से मैंने अपनी ज़िन्दगी को आसान किया, कुछ से माफ़ी मांगी, कुछ को माफ़ किया.

रूठ कर हमसे यूँ दूर जा बैठे हैं कहीं उनकी यादें सता रही हैं हमें हर वक्त यहीं कोई उनसे हमारी खता तो पूछ आइये हम सर झुकाये इंतजार में बैठे हैं यही

सोचता हूँ ज़िंदा हूँ मांग लूं सब से माफ़ी, नजाने मरने के बाद कोई माफ़ करे या न करे. स्पेशल सॉरी टु यू..

दिल अनजाने में टूट जाते हैं हमसे…. क्युकी झूठी कहानी, बोल के मनना मेरी आदत नहीं….. मुझे माफ़ कर दो… क्युकी तुझे रुलाना मेरी आदत नहीं…

वो गुस्से में दूर से ही निहारा करते हैं, क्या बात हैं जाने क्यूँ इतने खफ़ा लगते हैं, कोई खता हुई हमसे तो बख्श दीजिये, हम तो हर वक्त आप ही को याद किया करते हैं

तुम्हारा ऐटिटूड भी सह लेंगे तुम्हारा खर्चा भी सह लेंगे हर एक बात हमें तेरी मंज़ूर बस एक बात से लगता है डर गुस्सा न होया कर तू.

कुछ इस तरह से मैंने अपनी ज़िन्दगी को आसान किया, कुछ से माफ़ी मांगी, कुछ को माफ़ किया.

रूठ कर हमसे यूँ दूर जा बैठे हैं कहीं उनकी यादें सता रही हैं हमें हर वक्त यहीं कोई उनसे हमारी खता तो पूछ आइये हम सर झुकाये इंतजार में बैठे हैं यही

सोचता हूँ ज़िंदा हूँ मांग लूं सब से माफ़ी, नजाने मरने के बाद कोई माफ़ करे या न करे. स्पेशल सॉरी टु यू..