दिन चढ़ा, दिन ढला, पर मेरा दिल उदास ही था, मुझसे कोई बहुत नाराज हैं, इसलिए आज हर पंछी उदास था.

दिन चढ़ा, दिन ढला, पर मेरा दिल उदास ही था, मुझसे कोई बहुत नाराज हैं, इसलिए आज हर पंछी उदास था.

Share:

More Like This

शब्दों का जाल कुछ गलत बुन लिया, पर मेरे दिल में वैसी बात ना थी, शर्मिंदा हूँ खुद अपने अल्फाजों के लिए, क्यूंकि खुद से ऐसी उम्मीद ना थी..

माना भूल हो गई हैं हमसे, पर इस तरह रूठों ना मेरे सनम, एक बार नज़रे उठा कर देखों हमें, हम दौबारा ना करेंगे, ये खता, हैं कसम

आसमाँन वीरान है… तारे भी हैरान है… माफ़ कर दो मेरी चांदनी… देखो तेरा चाँद भी तो आंसुओ से परेशान है..

पता है सॉरी भी आपको हमेशा वही इंसान बोलता है जिसके लिए आप उसकी ईगो.. और सेल्फ रेस्पेक्ट से भी ज्यादा इम्पोर्टेन्ट होते हो उसकी लाइफ में..

तुम्हारा ऐटिटूड भी सह लेंगे तुम्हारा खर्चा भी सह लेंगे हर एक बात हमें तेरी मंज़ूर बस एक बात से लगता है डर गुस्सा न होया कर तू.

माना कि हम बहुत लड़ते हे मगर प्यार भी बहुत करते है हमारे गुस्से की वजह से नाराज न हो जाना हम गुस्सा ऊपर से और प्यार दिल्से करते हे. सॉरी जी कान पकड़ते है :

शब्दों का जाल कुछ गलत बुन लिया, पर मेरे दिल में वैसी बात ना थी, शर्मिंदा हूँ खुद अपने अल्फाजों के लिए, क्यूंकि खुद से ऐसी उम्मीद ना थी..

माना भूल हो गई हैं हमसे, पर इस तरह रूठों ना मेरे सनम, एक बार नज़रे उठा कर देखों हमें, हम दौबारा ना करेंगे, ये खता, हैं कसम

आसमाँन वीरान है… तारे भी हैरान है… माफ़ कर दो मेरी चांदनी… देखो तेरा चाँद भी तो आंसुओ से परेशान है..

पता है सॉरी भी आपको हमेशा वही इंसान बोलता है जिसके लिए आप उसकी ईगो.. और सेल्फ रेस्पेक्ट से भी ज्यादा इम्पोर्टेन्ट होते हो उसकी लाइफ में..

तुम्हारा ऐटिटूड भी सह लेंगे तुम्हारा खर्चा भी सह लेंगे हर एक बात हमें तेरी मंज़ूर बस एक बात से लगता है डर गुस्सा न होया कर तू.

माना कि हम बहुत लड़ते हे मगर प्यार भी बहुत करते है हमारे गुस्से की वजह से नाराज न हो जाना हम गुस्सा ऊपर से और प्यार दिल्से करते हे. सॉरी जी कान पकड़ते है :