“वो एग्जाम की लास्ट मिनिट जब सब को माता आ जाती है”
जितना सिलेबस पढ़के तीन टॉप लाते हो उतना हम चॉइस पर छोड़ आते है।
यदि आप वही करते हैं!! जो आप हमेशा से करते आये हैं!! तो आपको वही मिलेगा!! जो हमेशा से मिलता आया है!!
!!एग्जाम हैं टेंशन नहीं पढ़ना हैं मूड नहीं!!
कुछ आरम्भ करने के लिए!! आप का महान होना कोई आवश्यक नही!! लेकिन महान होने के लिए!! आप का कुछ आरम्भ करना अत्यंत आवश्यक है!!
इंसान पढाई सिर्फ दो वजहों से ही करता है या तो शौक से या फिर डर से, शोक हमें पढाई का है नहीं और डरते हम किसी के बाप से भी नहीं.
“वो एग्जाम की लास्ट मिनिट जब सब को माता आ जाती है”
जितना सिलेबस पढ़के तीन टॉप लाते हो उतना हम चॉइस पर छोड़ आते है।
यदि आप वही करते हैं!! जो आप हमेशा से करते आये हैं!! तो आपको वही मिलेगा!! जो हमेशा से मिलता आया है!!
!!एग्जाम हैं टेंशन नहीं पढ़ना हैं मूड नहीं!!
कुछ आरम्भ करने के लिए!! आप का महान होना कोई आवश्यक नही!! लेकिन महान होने के लिए!! आप का कुछ आरम्भ करना अत्यंत आवश्यक है!!
इंसान पढाई सिर्फ दो वजहों से ही करता है या तो शौक से या फिर डर से, शोक हमें पढाई का है नहीं और डरते हम किसी के बाप से भी नहीं.