ना जाने क्या दर्द दिया हैं इस एग्जाम ने!! न सोया जाए न रोया जाय!!
कह दो उन पढ़ने वालो से कभी हम भी पढ़ा करते थे, जितना सिलेबस पढ़ के वो टॉप करते है उतना तो हम चॉइस में छोड़ दिया करते थे.
क्या आप को पता है.. बुक्स सामने रख कर बी न पढ़ पाने वाली बीमारी का नाम क्या है.. मोबाइल
पढ़ाई रह जाती है सिर्फ दिखावे की!! और फिर हाल-ए-दिल!! मार्कशीट पर बयाँ होता है!!
वो एग्जाम की राते जब आप सोना नहीं चाहते थे!! फिर भी नींद आ ही जाती थी!!
ना वक्त है इतना कि Syllabus पूरा किया जाएँ!! ना तरकीब कोई की Exam पास किया जाएँ!! न जाने कोन-सा दर्द दिया है इस पढ़ाई ने!! ना रोया जाए और ना सोया जाएँ!!
ना जाने क्या दर्द दिया हैं इस एग्जाम ने!! न सोया जाए न रोया जाय!!
कह दो उन पढ़ने वालो से कभी हम भी पढ़ा करते थे, जितना सिलेबस पढ़ के वो टॉप करते है उतना तो हम चॉइस में छोड़ दिया करते थे.
क्या आप को पता है.. बुक्स सामने रख कर बी न पढ़ पाने वाली बीमारी का नाम क्या है.. मोबाइल
पढ़ाई रह जाती है सिर्फ दिखावे की!! और फिर हाल-ए-दिल!! मार्कशीट पर बयाँ होता है!!
वो एग्जाम की राते जब आप सोना नहीं चाहते थे!! फिर भी नींद आ ही जाती थी!!
ना वक्त है इतना कि Syllabus पूरा किया जाएँ!! ना तरकीब कोई की Exam पास किया जाएँ!! न जाने कोन-सा दर्द दिया है इस पढ़ाई ने!! ना रोया जाए और ना सोया जाएँ!!