हम नादान थे जो उसे हमसफ़र समझ बैठे जो चलती थी साथ मेरे पर तलाश उसे किसी और की थी

हम नादान थे जो उसे हमसफ़र समझ बैठे जो चलती थी साथ मेरे पर तलाश उसे किसी और की थी

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जो कदर नहीं करता उसके लिए तुम रोते हो, जो तुम्हरी कदर करता है तुम रुलाते हो

काश कि वो लौट आयें मुझसे यह कहने, कि तुम कौन होते हो मुझसे बिछड़ने वाले..!!!

रिश्ते धीरे धीरे ही खत्म होते हैं बस पता अचानक सा चलता हैं .

जिनसे दूर नहीं रह पाते, उन्हें से से दूर हो जाते हैं.

किसी को इतना IGNORE मत करो की वह तुम्हारे बिना जीना सिख जाए

तुझे जाना था तो हमने जाने दिया तुझे,, इससे बढ़कर और क्या वफा करते हम।

जो कदर नहीं करता उसके लिए तुम रोते हो, जो तुम्हरी कदर करता है तुम रुलाते हो

काश कि वो लौट आयें मुझसे यह कहने, कि तुम कौन होते हो मुझसे बिछड़ने वाले..!!!

रिश्ते धीरे धीरे ही खत्म होते हैं बस पता अचानक सा चलता हैं .

जिनसे दूर नहीं रह पाते, उन्हें से से दूर हो जाते हैं.

किसी को इतना IGNORE मत करो की वह तुम्हारे बिना जीना सिख जाए

तुझे जाना था तो हमने जाने दिया तुझे,, इससे बढ़कर और क्या वफा करते हम।