शर्मिंदा करते हो रोज, हाल हमारा पूँछ कर, हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा है…
सब अपने से लगते है, लेकिन सिर्फ बातों से ..!
प्यार तो अमीरो से होता है हम गरीबो सा तो मजाक होता है
"जब हम रिश्तो के लिए वक़्त नहीं निकाल पाते तो वक़्त हमारे बीच से रिश्तो को निकाल देता है."
हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो ग़म मिलते हैं| हम इसी वास्ते हर सख्स से कम मिलते हैं|
मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ..... कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है
शर्मिंदा करते हो रोज, हाल हमारा पूँछ कर, हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा है…
सब अपने से लगते है, लेकिन सिर्फ बातों से ..!
प्यार तो अमीरो से होता है हम गरीबो सा तो मजाक होता है
"जब हम रिश्तो के लिए वक़्त नहीं निकाल पाते तो वक़्त हमारे बीच से रिश्तो को निकाल देता है."
हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो ग़म मिलते हैं| हम इसी वास्ते हर सख्स से कम मिलते हैं|
मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ..... कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है