कभी कभी हम गलत नहीं होते, बस वो शब्द ही नहीं होते जो हमें सही साबित कर सके
कुछ पल निकाल लिया करो मेरे लिए भी, दिल बहुत उदास रहता है जब तुमसे बात नहीं होती
"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."
पसंद ना आए मेरा साथ तो बता देना महसूस भी नहीं कर पाओगे उतना दूर चले जाएंगे .
गुल्लक की तरह था रिश्ता हमारा जब टूटा तब कीमत समझ में आई
"कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर एक लापरवाह लड़का क्यों तेरी परवाह करता था."
कभी कभी हम गलत नहीं होते, बस वो शब्द ही नहीं होते जो हमें सही साबित कर सके
कुछ पल निकाल लिया करो मेरे लिए भी, दिल बहुत उदास रहता है जब तुमसे बात नहीं होती
"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."
पसंद ना आए मेरा साथ तो बता देना महसूस भी नहीं कर पाओगे उतना दूर चले जाएंगे .
गुल्लक की तरह था रिश्ता हमारा जब टूटा तब कीमत समझ में आई
"कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर एक लापरवाह लड़का क्यों तेरी परवाह करता था."