कदर करना सिख लो क्योंकि.. ना ही ज़िंदगी वापिस आती है और ना ही लोग..
चेहरा तो मिल ही जाएगा हमसे भी खुबसूरत पर जब बात दिल की आएगी ना तो हार जाओगे तुम
कुछ लोग से आज कुछ तो सीखा, पहले अपने जैसा बनाते हैं ये, फिर अकेला छोड़ देते है ||
एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से
मौत आये तो शायद दिन सवर जाए वरना ज़िंदगी ने तो मार ही डाला है
तेरी तो फितरत ही थी सभी से मोहब्बत करने की, हम तो बेवजह ही खुद को खुशनसीब समझने लगे थे.
कदर करना सिख लो क्योंकि.. ना ही ज़िंदगी वापिस आती है और ना ही लोग..
चेहरा तो मिल ही जाएगा हमसे भी खुबसूरत पर जब बात दिल की आएगी ना तो हार जाओगे तुम
कुछ लोग से आज कुछ तो सीखा, पहले अपने जैसा बनाते हैं ये, फिर अकेला छोड़ देते है ||
एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से
मौत आये तो शायद दिन सवर जाए वरना ज़िंदगी ने तो मार ही डाला है
तेरी तो फितरत ही थी सभी से मोहब्बत करने की, हम तो बेवजह ही खुद को खुशनसीब समझने लगे थे.