फरक तो उन्हें पढता है जिनके पास एक हो उन्हें क्या फरक पढ़ेगा जिनके पास हजारों हैं

फरक तो उन्हें पढता है जिनके पास एक हो उन्हें क्या फरक पढ़ेगा जिनके पास हजारों हैं

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जिस रात की कभी कोई सुबह नही होती हर रात उस रात का इंतेज़ार रहता है.......

तेरी कसम सिर्फ तेरे हैं हम

कोई तो होगा टूटा हुआ मेरी तरह ही जो, जुड़ने की ख्वाहिश लिए जी रहा होगा अकेला कही.याद वो नहीं जो अकेले में आये, याद वो है जो महफिल में आये और अकेला कर जाए ||

ग़म इस बात का नहीं की आप मिल न सकेंगे, दर्द इस बात का है की हम आपको भुला न सकेंगे

युं ही हम दिल को साफ़ रखा करते थे…पता नही था की, ‘किमत चेहरों की होती है’ !

जान तक देने की बात करते हैं यह लोग सच कहु तो दिल से दुआ भी नहीं करते

जिस रात की कभी कोई सुबह नही होती हर रात उस रात का इंतेज़ार रहता है.......

तेरी कसम सिर्फ तेरे हैं हम

कोई तो होगा टूटा हुआ मेरी तरह ही जो, जुड़ने की ख्वाहिश लिए जी रहा होगा अकेला कही.याद वो नहीं जो अकेले में आये, याद वो है जो महफिल में आये और अकेला कर जाए ||

ग़म इस बात का नहीं की आप मिल न सकेंगे, दर्द इस बात का है की हम आपको भुला न सकेंगे

युं ही हम दिल को साफ़ रखा करते थे…पता नही था की, ‘किमत चेहरों की होती है’ !

जान तक देने की बात करते हैं यह लोग सच कहु तो दिल से दुआ भी नहीं करते