तू मिले या न मिले ये तो मुक़द्दर की बात है मगर सुकून बहुत मिलता है तुझे अपना सोच कर
इश्क़ वो नहीं जो तुझे मेरा कर दे.... इश्क़ वो है जो तुझे किसी और का ना होने दे
प्यार वही हैं ... जो दूर रहकर भी महसूस होता हैं
सुना है तुम ज़िद्दी बहुत हो, मुझे भी अपनी जिद्द बना लो !!
ए खुदा..!! मुझे प्यार उसी से हो जो.... मुझे पाकर प्यार में पागल हो जाए
उसकी मुहब्बत का सिलसिला भी क्या अजीब है, अपना भी नहीं बनाती और किसी का होने भी नहीं देती
तू मिले या न मिले ये तो मुक़द्दर की बात है मगर सुकून बहुत मिलता है तुझे अपना सोच कर
इश्क़ वो नहीं जो तुझे मेरा कर दे.... इश्क़ वो है जो तुझे किसी और का ना होने दे
प्यार वही हैं ... जो दूर रहकर भी महसूस होता हैं
सुना है तुम ज़िद्दी बहुत हो, मुझे भी अपनी जिद्द बना लो !!
ए खुदा..!! मुझे प्यार उसी से हो जो.... मुझे पाकर प्यार में पागल हो जाए
उसकी मुहब्बत का सिलसिला भी क्या अजीब है, अपना भी नहीं बनाती और किसी का होने भी नहीं देती