बदल जाऊँगा मैं भी इक दिन पूरी तरह, तुम्हारे लिये न सही…तुम्हारी वजह से यकीनन!!!

बदल जाऊँगा मैं भी इक दिन पूरी तरह, तुम्हारे लिये न सही…तुम्हारी वजह से यकीनन!!!

Share:

More Like This

किसी को इतना IGNORE मत करो की वह तुम्हारे बिना जीना सिख जाए

जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं…!

क़ोई ज़ुदा हो तो ऐसे ना हो, कि लौटने का भ्रम रह जाये

मैंने दोस्ती माँगी थी वो इश्क़ देकर बर्बाद कर गया

खुदा जाने कोनसा गुनाह कर बैठे हैं हम कि तम्मनाओं वाली उम्र में तजुर्बे मिल रहे हैं

हम नादान थे जो उसे हमसफ़र समझ बैठे जो चलती थी साथ मेरे पर तलाश उसे किसी और की थी

किसी को इतना IGNORE मत करो की वह तुम्हारे बिना जीना सिख जाए

जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं…!

क़ोई ज़ुदा हो तो ऐसे ना हो, कि लौटने का भ्रम रह जाये

मैंने दोस्ती माँगी थी वो इश्क़ देकर बर्बाद कर गया

खुदा जाने कोनसा गुनाह कर बैठे हैं हम कि तम्मनाओं वाली उम्र में तजुर्बे मिल रहे हैं

हम नादान थे जो उसे हमसफ़र समझ बैठे जो चलती थी साथ मेरे पर तलाश उसे किसी और की थी