जब से वो मशहूर हो गये हैं, हमसे कुछ दूर हो गये हैं…
"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."
सिलसिला आज भी वही जारी है, तेरी याद, मेरी नींदों पर भारी है
ये मोहब्बत के हादसे दिलो को तोड़ देते है, तुम मज़िल की बात करते हो लोग राहों मे छोड़ देते है
एक फ़क़ीर ने कहा था चिंता ना कर वो भी रोएगा जो आज तुझे रुला रहा है
जिनको साथ नहीं देना होता वो अक्सर रूठ जाया करते हैं
जब से वो मशहूर हो गये हैं, हमसे कुछ दूर हो गये हैं…
"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."
सिलसिला आज भी वही जारी है, तेरी याद, मेरी नींदों पर भारी है
ये मोहब्बत के हादसे दिलो को तोड़ देते है, तुम मज़िल की बात करते हो लोग राहों मे छोड़ देते है
एक फ़क़ीर ने कहा था चिंता ना कर वो भी रोएगा जो आज तुझे रुला रहा है
जिनको साथ नहीं देना होता वो अक्सर रूठ जाया करते हैं