ये कैसी घटा छाई है, हवा में नई सुर्खी आई है । फैली है जो सुगंध हवा में । जरूर महादेव ने चिलम जलाई है ।

ये कैसी घटा छाई है, हवा में नई सुर्खी आई है । फैली है जो सुगंध हवा में । जरूर महादेव ने चिलम जलाई है ।

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करूँ क्यों फ़िक्र कि मौत के बाद जगह कहाँ मिलेगी जहाँ होगी मेरे महादेव की महफिल मेरी रूह वहाँ मिलेगी.

यह कलयुग है यहाँ ताज अच्छाई को नही बुराई को मिलता है, लेकिन हम तो बाबा महाकाल के दीवाने है , ताज के नही रुद्राक्ष के दीवाने है.

जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?

बदन मेरा मिट्टी का……… साँसे मेरी उधार है…… घमंड करो तो किस बात का! हम सब उसके ही तो किराएदार है!! ??हर हर महादेव??

कर्ता करे न कर सके, शिव करे सो होय तीन लोक नौ खंड में, महाकाल से बड़ा न कोय ॐ नमः शिवाय:

नही पता कौन हूँ मैं और कहा मुझे जाना हैं, महादेव ही मेरी मँजिल हैं और महाकाल का दर ही मेरा ठिकाना हैं।

करूँ क्यों फ़िक्र कि मौत के बाद जगह कहाँ मिलेगी जहाँ होगी मेरे महादेव की महफिल मेरी रूह वहाँ मिलेगी.

यह कलयुग है यहाँ ताज अच्छाई को नही बुराई को मिलता है, लेकिन हम तो बाबा महाकाल के दीवाने है , ताज के नही रुद्राक्ष के दीवाने है.

जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?

बदन मेरा मिट्टी का……… साँसे मेरी उधार है…… घमंड करो तो किस बात का! हम सब उसके ही तो किराएदार है!! ??हर हर महादेव??

कर्ता करे न कर सके, शिव करे सो होय तीन लोक नौ खंड में, महाकाल से बड़ा न कोय ॐ नमः शिवाय:

नही पता कौन हूँ मैं और कहा मुझे जाना हैं, महादेव ही मेरी मँजिल हैं और महाकाल का दर ही मेरा ठिकाना हैं।