क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?
काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..
रुलाती है मगर रोने का नहीं.
बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |
मौत आये तो शायद दिन सवर जाए वरना ज़िंदगी ने तो मार ही डाला है
रख लो दिल में सम्हाल कर थोड़ी सी याद मेरी....,रह जाओगे जब तन्हा तो हम बहुत काम आएँगे
क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?
काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..
रुलाती है मगर रोने का नहीं.
बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |
मौत आये तो शायद दिन सवर जाए वरना ज़िंदगी ने तो मार ही डाला है
रख लो दिल में सम्हाल कर थोड़ी सी याद मेरी....,रह जाओगे जब तन्हा तो हम बहुत काम आएँगे