जिनको साथ नहीं देना होता वो अक्सर रूठ जाया करते हैं
कितनी आसानी से छोड़ दिया तुमने बात करना जैसे सदियो से बोझ थे हम तुम्हारे उपर.
तुझे जाना था तो हमने जाने दिया तुझे,, इससे बढ़कर और क्या वफा करते हम।
गया था मै तुझसे दुर बहुत कुछ पाने के लिए ……….पर सिवाए तेरी यादो के कुछ हासिल ना हुआ !!!!
मुझमें ही हौसला नहीं वरना .. छत का पंखा पुकारता है मुझे....
कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया
जिनको साथ नहीं देना होता वो अक्सर रूठ जाया करते हैं
कितनी आसानी से छोड़ दिया तुमने बात करना जैसे सदियो से बोझ थे हम तुम्हारे उपर.
तुझे जाना था तो हमने जाने दिया तुझे,, इससे बढ़कर और क्या वफा करते हम।
गया था मै तुझसे दुर बहुत कुछ पाने के लिए ……….पर सिवाए तेरी यादो के कुछ हासिल ना हुआ !!!!
मुझमें ही हौसला नहीं वरना .. छत का पंखा पुकारता है मुझे....
कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया