कुछ अलग सा है अपनी मौहबत का हाल... तेरी चुपी और मेरा सवाल ....!!!!

कुछ अलग सा है अपनी मौहबत का हाल... तेरी चुपी और मेरा सवाल ....!!!!

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मेरे दिल से खेल तो रहे हो तुम पर...... जरा सम्भल के...... ये थोडा टूटा हुआ है कहीं तुम्हे ही लग ना जाए

रुलाती है मगर रोने का नहीं.

सोचते है, अब हम भी सीख ले यारों बेरुखी करना..सबको मोहब्बत देते-देते, हमने अपनी कदर खो दी है

कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया

खुदा जाने कोनसा गुनाह कर बैठे हैं हम कि तम्मनाओं वाली उम्र में तजुर्बे मिल रहे हैं

खुद से होती है जाने शिकायतें कितनी.....जिन्हें किसी से.... कोई शिकायत नहीं होती

मेरे दिल से खेल तो रहे हो तुम पर...... जरा सम्भल के...... ये थोडा टूटा हुआ है कहीं तुम्हे ही लग ना जाए

रुलाती है मगर रोने का नहीं.

सोचते है, अब हम भी सीख ले यारों बेरुखी करना..सबको मोहब्बत देते-देते, हमने अपनी कदर खो दी है

कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया

खुदा जाने कोनसा गुनाह कर बैठे हैं हम कि तम्मनाओं वाली उम्र में तजुर्बे मिल रहे हैं

खुद से होती है जाने शिकायतें कितनी.....जिन्हें किसी से.... कोई शिकायत नहीं होती