मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ..... कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है

मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ..... कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है

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खुदा जाने कोनसा गुनाह कर बैठे हैं हम कि तम्मनाओं वाली उम्र में तजुर्बे मिल रहे हैं

एक दिन हम सब एक दूसरे को सिर्फ यह सोचकर खो देगे की वो मुझे याद नहीं करता तो मे क्यों करू .

जिनके दिल बहुत अच्छे होते हैं, अक्सर उन्हीं की किस्मत खराब होती है

जिनको साथ नहीं देना होता वो अक्सर रूठ जाया करते हैं

तुम जो साथ हो तो दुनिया अपनी सी लगती है वरना सीने में सांस भी पराई लगती है

सब अपने से लगते है, लेकिन सिर्फ बातों से ..!

खुदा जाने कोनसा गुनाह कर बैठे हैं हम कि तम्मनाओं वाली उम्र में तजुर्बे मिल रहे हैं

एक दिन हम सब एक दूसरे को सिर्फ यह सोचकर खो देगे की वो मुझे याद नहीं करता तो मे क्यों करू .

जिनके दिल बहुत अच्छे होते हैं, अक्सर उन्हीं की किस्मत खराब होती है

जिनको साथ नहीं देना होता वो अक्सर रूठ जाया करते हैं

तुम जो साथ हो तो दुनिया अपनी सी लगती है वरना सीने में सांस भी पराई लगती है

सब अपने से लगते है, लेकिन सिर्फ बातों से ..!