बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |
खुद से होती है जाने शिकायतें कितनी.....जिन्हें किसी से.... कोई शिकायत नहीं होती
रोते हैं वो लोग जो मोहब्बत को दिल से निभाते हैं धोखा देने वाले तो दिल तोड़ कर अक्सर चैन से सो जाते हैं
दर्द सहने की कुछ यु आदत सी हो गई है.... की अब दर्द न मिले तो दर्द सा होता है
जो प्यार नहीं सच्चा उसे भूल जाना ही अच्छा
"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."
बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |
खुद से होती है जाने शिकायतें कितनी.....जिन्हें किसी से.... कोई शिकायत नहीं होती
रोते हैं वो लोग जो मोहब्बत को दिल से निभाते हैं धोखा देने वाले तो दिल तोड़ कर अक्सर चैन से सो जाते हैं
दर्द सहने की कुछ यु आदत सी हो गई है.... की अब दर्द न मिले तो दर्द सा होता है
जो प्यार नहीं सच्चा उसे भूल जाना ही अच्छा
"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."