मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ..... कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है

मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ..... कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है

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उस हस्ती तस्वीर को क्या मालूम, उसे देखकर कितना रोया जाता है

जब 'मतलब' ना होतो लोग बोलना तो दूर देखना तक छोड़ देते है .

अब अगर रूठे तो रूठे रहना मैं मनाने वाला हुनर भूल चुकी हूं

रूठना तेरा लाज़मी था हर बार मनाने की आदत जो हमने डाली थी .

कुछ पल निकाल लिया करो मेरे लिए भी, दिल बहुत उदास रहता है जब तुमसे बात नहीं होती

चलो खामोशियों की गिरफत में चलते हैं, बातें ज़्यादा हुई तो जज़्बात खुल जाएंगे

उस हस्ती तस्वीर को क्या मालूम, उसे देखकर कितना रोया जाता है

जब 'मतलब' ना होतो लोग बोलना तो दूर देखना तक छोड़ देते है .

अब अगर रूठे तो रूठे रहना मैं मनाने वाला हुनर भूल चुकी हूं

रूठना तेरा लाज़मी था हर बार मनाने की आदत जो हमने डाली थी .

कुछ पल निकाल लिया करो मेरे लिए भी, दिल बहुत उदास रहता है जब तुमसे बात नहीं होती

चलो खामोशियों की गिरफत में चलते हैं, बातें ज़्यादा हुई तो जज़्बात खुल जाएंगे