हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं

हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं

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ख्वाब टूटे हैं मगर हौसले जिंदा है, हम वह है जहां मुश्किलें शर्मिंदा हैं

तुझे शिकायत है कि मुझे बदल दिया वक़्त ने कभी खुद से भी तो सवाल कर क्या तू वही है

औकात की बात मत कर ऐ दोस्त तेरी बंदूक से ज़ादा लोग हमारे नाम से डरते है

अगर नियत अच्छी हो तो नसीब कभी बुरा नहीं होता

बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं

किसी ने क्या खूब लिखा है, मैं पसंद तो बहुत हूँ सबको पर जब उनको मेरी जरूरत होती है तब ..

ख्वाब टूटे हैं मगर हौसले जिंदा है, हम वह है जहां मुश्किलें शर्मिंदा हैं

तुझे शिकायत है कि मुझे बदल दिया वक़्त ने कभी खुद से भी तो सवाल कर क्या तू वही है

औकात की बात मत कर ऐ दोस्त तेरी बंदूक से ज़ादा लोग हमारे नाम से डरते है

अगर नियत अच्छी हो तो नसीब कभी बुरा नहीं होता

बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं

किसी ने क्या खूब लिखा है, मैं पसंद तो बहुत हूँ सबको पर जब उनको मेरी जरूरत होती है तब ..