आज तो दिन बन गया, मैंने उसे देखा, और वह मुझे देखकर मुस्कुराया।

आज तो दिन बन गया, मैंने उसे देखा, और वह मुझे देखकर मुस्कुराया।

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“वो बस मेरी हो जाये फिर मुझे ज़्हिंदगी से कुछ नहीं चाहिए ।”

उसकी इतनी सुन्दर आँखें थी, जिसे देखते ही खोने का मन करता है में भी खो गयी.

“आंसुओं ने मेरा दामन है पकड़ा, क्यूंकि ग़मों से मैंने खुद था रिश्ता जोड़ा ।”

“Excuse me क्या आप मुझे अपने दिल की तरह जाने वाला रास्ता बता सकते हैं ।”

तुम्हारे मुस्कुराने के तरीके को देखने के लिए मेरा दिल बेताब रहा है।

“खामोश बैठे हैं, तो लोग कहते हैं, उदासी अच्छी नहीं और ज़रा सा हंस लें तो लोग मुस्कुराने की वजह पूछ लेते है ।”

“वो बस मेरी हो जाये फिर मुझे ज़्हिंदगी से कुछ नहीं चाहिए ।”

उसकी इतनी सुन्दर आँखें थी, जिसे देखते ही खोने का मन करता है में भी खो गयी.

“आंसुओं ने मेरा दामन है पकड़ा, क्यूंकि ग़मों से मैंने खुद था रिश्ता जोड़ा ।”

“Excuse me क्या आप मुझे अपने दिल की तरह जाने वाला रास्ता बता सकते हैं ।”

तुम्हारे मुस्कुराने के तरीके को देखने के लिए मेरा दिल बेताब रहा है।

“खामोश बैठे हैं, तो लोग कहते हैं, उदासी अच्छी नहीं और ज़रा सा हंस लें तो लोग मुस्कुराने की वजह पूछ लेते है ।”