“कई रिश्तों को परखा तो नतीजा एक ही निकला, जरूरत ही सब कुछ है, मुहब्बत कुछ नहीं होती ।”

“कई रिश्तों को परखा तो नतीजा एक ही निकला, जरूरत ही सब कुछ है, मुहब्बत कुछ नहीं होती ।”

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मैं वर्णमाला को पुन: व्यवस्थित करने के बारे में सोच रहा था। क्या आप मेरी सहायता करना चाहते हैं? मैं U और I को एक दूसरे के बगल में रखने की सोच रहा था।

पहली बार आपको देखते ही लगा की आप मेरी : क्या आप ही हो मेरी जिंदगी के हमसफ़र!

“मुझे मालूम था कि वो रास्ते कभी मेरी मंजिल तक नहीं जाते थे, फिर भी मैं चलता रहा क्यूँ कि उस राह में कुछ अपनों के घर भी आते थे।”

काश मैं आपसे सिर्फ यह पूछ पाता, “आप मेरे बारे में क्या सोचते हैं?”

एक बार एक समय में, एक साधारण जीवन के बीच में, प्यार हमें कुछ विशेष दर्जा करवा देता है।

जिंदगी में कुछ न मांगा तेरे सीवा ओर जींदगी ने सबकुछ दीया तेरे सीवा ।”

मैं वर्णमाला को पुन: व्यवस्थित करने के बारे में सोच रहा था। क्या आप मेरी सहायता करना चाहते हैं? मैं U और I को एक दूसरे के बगल में रखने की सोच रहा था।

पहली बार आपको देखते ही लगा की आप मेरी : क्या आप ही हो मेरी जिंदगी के हमसफ़र!

“मुझे मालूम था कि वो रास्ते कभी मेरी मंजिल तक नहीं जाते थे, फिर भी मैं चलता रहा क्यूँ कि उस राह में कुछ अपनों के घर भी आते थे।”

काश मैं आपसे सिर्फ यह पूछ पाता, “आप मेरे बारे में क्या सोचते हैं?”

एक बार एक समय में, एक साधारण जीवन के बीच में, प्यार हमें कुछ विशेष दर्जा करवा देता है।

जिंदगी में कुछ न मांगा तेरे सीवा ओर जींदगी ने सबकुछ दीया तेरे सीवा ।”