“वो बस मेरी हो जाये फिर मुझे ज़्हिंदगी से कुछ नहीं चाहिए ।”

“वो बस मेरी हो जाये फिर मुझे ज़्हिंदगी से कुछ नहीं चाहिए ।”

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उसकी इतनी सुन्दर आँखें थी, जिसे देखते ही खोने का मन करता है में भी खो गयी.

यह तो मेरे लिए बहुत अजीब सी बात हुई, मैं परेशान होने के बावजूद भी क्यों मुस्कराया था? अरे हाँ, मैंने आपको देखा था।

मैं तुम्हारे लिए पागल हूँ और इस बात को सभी जानते हैं, लेकिन तुम नहीं …

मेरा क्रश आपके लिए अजीब है आपको देखती हूँ … आपको देखने के लिए शरमाती हूँ और अजीब तरह से देखती हूँ …

उसकी इतनी सुन्दर आंखें थी, जिसे देखते ही खोने का मन करता है में भी खो गयी।

जब भी आपका कोई मैसेज आता है तो मेरी ख़ुशी का ढिकाना ही नहीं रहता।

उसकी इतनी सुन्दर आँखें थी, जिसे देखते ही खोने का मन करता है में भी खो गयी.

यह तो मेरे लिए बहुत अजीब सी बात हुई, मैं परेशान होने के बावजूद भी क्यों मुस्कराया था? अरे हाँ, मैंने आपको देखा था।

मैं तुम्हारे लिए पागल हूँ और इस बात को सभी जानते हैं, लेकिन तुम नहीं …

मेरा क्रश आपके लिए अजीब है आपको देखती हूँ … आपको देखने के लिए शरमाती हूँ और अजीब तरह से देखती हूँ …

उसकी इतनी सुन्दर आंखें थी, जिसे देखते ही खोने का मन करता है में भी खो गयी।

जब भी आपका कोई मैसेज आता है तो मेरी ख़ुशी का ढिकाना ही नहीं रहता।