“दूर रहते हैं, मगर दिल से दुआ करते हैं, हम प्यार का फ़र्ज़ घर बैठे अदा करते हैं, हम आपकी याद सदा साथ रखते हैं, हम दिन हो या रात आपको ही याद करते हैं, हम ।”

“दूर रहते हैं, मगर दिल से दुआ करते हैं, हम प्यार का फ़र्ज़ घर बैठे अदा करते हैं, हम आपकी याद सदा साथ रखते हैं, हम दिन हो या रात आपको ही याद करते हैं, हम ।”

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मैं खुश हूँ की आप मेरे जीवन में हैं, लेकिन मैं इस रिश्ते को दोस्ती से ज्यादा रखना चाहता हूं।

उसकी इतनी सुन्दर आँखें थी, जिसे देखते ही खोने का मन करता है में भी खो गयी.

“हर मोहब्बत की कहानी मुझे पसंद हैं, मगर हमारी कहानी मेरी मनपसंद हैं ।”

उसकी मुझे एक बात बहुत अच्छी लगती थी वो थी उसकी प्यारीसी मुस्कान … मुझे उसकी याद आती है.

“न दो इल्जाम हमें की क्यों इतना घुरते है, हम तुमे! जाकर उससे पूछो क्यों इनता हशीन बनाया तुमे ।”

“मुझे मालूम था कि वो रास्ते कभी मेरी मंजिल तक नहीं जाते थे, फिर भी मैं चलता रहा क्यूँ कि उस राह में कुछ अपनों के घर भी आते थे।”

मैं खुश हूँ की आप मेरे जीवन में हैं, लेकिन मैं इस रिश्ते को दोस्ती से ज्यादा रखना चाहता हूं।

उसकी इतनी सुन्दर आँखें थी, जिसे देखते ही खोने का मन करता है में भी खो गयी.

“हर मोहब्बत की कहानी मुझे पसंद हैं, मगर हमारी कहानी मेरी मनपसंद हैं ।”

उसकी मुझे एक बात बहुत अच्छी लगती थी वो थी उसकी प्यारीसी मुस्कान … मुझे उसकी याद आती है.

“न दो इल्जाम हमें की क्यों इतना घुरते है, हम तुमे! जाकर उससे पूछो क्यों इनता हशीन बनाया तुमे ।”

“मुझे मालूम था कि वो रास्ते कभी मेरी मंजिल तक नहीं जाते थे, फिर भी मैं चलता रहा क्यूँ कि उस राह में कुछ अपनों के घर भी आते थे।”