जिंदगी में कुछ न मांगा तेरे सीवा ओर जींदगी ने सबकुछ दीया तेरे सीवा ।”

जिंदगी में कुछ न मांगा तेरे सीवा ओर जींदगी ने सबकुछ दीया तेरे सीवा ।”

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“खामोश बैठे हैं, तो लोग कहते हैं, उदासी अच्छी नहीं और ज़रा सा हंस लें तो लोग मुस्कुराने की वजह पूछ लेते है ।”

“तुमको देखा तो मौहब्बत भी समझ आई, वरना इस शब्द की तारीफ ही सुना करते थे ।”

मुझे सिर्फ आपसे बात करनी थी। मीठा मेरी कमजोरी है।

ये दिल और दिमाग आपके बारे में ही सोचते रहते हैं ।

“सब कुछ है लेकिन तेरे अलफाज नही, बिन तेरे अलफाज के कोई साज नही ।”

आपका मेरी आँखों में आंख डालके देखना जिससे मुझे कुछ हो जाता है। धड़कने तेज़ हो जाती हैं और पेट में जैसे तितलियाँ उड़ने लग जाती हैं ।

“खामोश बैठे हैं, तो लोग कहते हैं, उदासी अच्छी नहीं और ज़रा सा हंस लें तो लोग मुस्कुराने की वजह पूछ लेते है ।”

“तुमको देखा तो मौहब्बत भी समझ आई, वरना इस शब्द की तारीफ ही सुना करते थे ।”

मुझे सिर्फ आपसे बात करनी थी। मीठा मेरी कमजोरी है।

ये दिल और दिमाग आपके बारे में ही सोचते रहते हैं ।

“सब कुछ है लेकिन तेरे अलफाज नही, बिन तेरे अलफाज के कोई साज नही ।”

आपका मेरी आँखों में आंख डालके देखना जिससे मुझे कुछ हो जाता है। धड़कने तेज़ हो जाती हैं और पेट में जैसे तितलियाँ उड़ने लग जाती हैं ।