“न दो इल्जाम हमें की क्यों इतना घुरते है, हम तुमे! जाकर उससे पूछो क्यों इनता हशीन बनाया तुमे ।”
जिंदगी में कुछ न मांगा तेरे सीवा ओर जींदगी ने सबकुछ दीया तेरे सीवा ।”
आज तो दिन बन गया, मैंने उसे देखा, और वह मुझे देखकर मुस्कुराया।
“आज ईमान मेरा थोड़ा खराब है, आँखों में है वो और हाथों में शराब है ।”
जब आप जानते हैं कि आप किसी को क्यों पसंद करते हैं, तो यह एक क्रश है। जब आपके पास कोई कारण या स्पष्टीकरण नहीं है, तो यह प्यार है।
“वो बस मेरी हो जाये फिर मुझे ज़्हिंदगी से कुछ नहीं चाहिए ।”
“न दो इल्जाम हमें की क्यों इतना घुरते है, हम तुमे! जाकर उससे पूछो क्यों इनता हशीन बनाया तुमे ।”
जिंदगी में कुछ न मांगा तेरे सीवा ओर जींदगी ने सबकुछ दीया तेरे सीवा ।”
आज तो दिन बन गया, मैंने उसे देखा, और वह मुझे देखकर मुस्कुराया।
“आज ईमान मेरा थोड़ा खराब है, आँखों में है वो और हाथों में शराब है ।”
जब आप जानते हैं कि आप किसी को क्यों पसंद करते हैं, तो यह एक क्रश है। जब आपके पास कोई कारण या स्पष्टीकरण नहीं है, तो यह प्यार है।
“वो बस मेरी हो जाये फिर मुझे ज़्हिंदगी से कुछ नहीं चाहिए ।”