“हर मोहब्बत की कहानी मुझे पसंद हैं, मगर हमारी कहानी मेरी मनपसंद हैं ।”
मेरा crush जब मेरे सामने से निकलता है तो मेरा साँस लेना भी मुस्किल हो जाता है।
“वो बस मेरी हो जाये फिर मुझे ज़्हिंदगी से कुछ नहीं चाहिए ।”
तुम्हारी दोस्ती की मुझे चाह थी, और तुम्हारा प्रेमी बनने का मेरा सपना था ।
“डूबी हे मेरी उंगलिया खुद अपने लहू में, ये कांच के टुकडो को उठाने की सजा हे ।”
“प्यार तो आज भी है, तूजसे है, यू ही नही रोज रोज तेरा DP देख लिया करते हे ।”
“हर मोहब्बत की कहानी मुझे पसंद हैं, मगर हमारी कहानी मेरी मनपसंद हैं ।”
मेरा crush जब मेरे सामने से निकलता है तो मेरा साँस लेना भी मुस्किल हो जाता है।
“वो बस मेरी हो जाये फिर मुझे ज़्हिंदगी से कुछ नहीं चाहिए ।”
तुम्हारी दोस्ती की मुझे चाह थी, और तुम्हारा प्रेमी बनने का मेरा सपना था ।
“डूबी हे मेरी उंगलिया खुद अपने लहू में, ये कांच के टुकडो को उठाने की सजा हे ।”
“प्यार तो आज भी है, तूजसे है, यू ही नही रोज रोज तेरा DP देख लिया करते हे ।”