गजब है मेरे दिल में तेरा वजूद. मै खुद से दूर तू मुझमें मौजूद...
गुज़रे है आज इश्क के उस मुकाम से, नफरत सी हो गयी है मोहब्बत के नाम से ।
एक दिमाग वाला दिल मुझे भी दे दे ख़ुदा, ये दिल वाला दिल सिर्फ़ तकलीफ़ ही देता हैं..
युं ही हम दिल को साफ़ रखा करते थे…पता नही था की, ‘किमत चेहरों की होती है’ !
वो कभी डरा ही नहीं मुझे खोने से, वो क्या अफसोस करेगा मेरे ना होने से
सुना है आज उस की आँखों मे आसु आ गये, वो बच्चो को सिखा रही थी की मोहब्बत ऐसे लिखते है
गजब है मेरे दिल में तेरा वजूद. मै खुद से दूर तू मुझमें मौजूद...
गुज़रे है आज इश्क के उस मुकाम से, नफरत सी हो गयी है मोहब्बत के नाम से ।
एक दिमाग वाला दिल मुझे भी दे दे ख़ुदा, ये दिल वाला दिल सिर्फ़ तकलीफ़ ही देता हैं..
युं ही हम दिल को साफ़ रखा करते थे…पता नही था की, ‘किमत चेहरों की होती है’ !
वो कभी डरा ही नहीं मुझे खोने से, वो क्या अफसोस करेगा मेरे ना होने से
सुना है आज उस की आँखों मे आसु आ गये, वो बच्चो को सिखा रही थी की मोहब्बत ऐसे लिखते है