एक सफर जहां फिरसे सब 'शून्य' से शुरू करना होगा।

एक सफर जहां फिरसे सब 'शून्य' से शुरू करना होगा।

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डाल कर...आदत बेपनाह मोहब्बत की...अब वो कहते है...कि...समझा करो वक़्त नही है...

यकीनन हो रही होंगी बैचेनियां तुम्हें भी, ये और बात है कि तुम नजरअंदाज कर रहे हो...

तुमने कहा था आँख भर के देख लिया करो मुझे, मगर अब आँख भर आती है तुम नजर नही आते हो।

एक घुटन सी होती है जीने में जब कोई दिल में तो रहता है पर साथ नहीं

कुछ रुकी रुकी सी है ज़िन्दगी, कुछ चलते फिरते से है हम।

उस दिन चैन तो तुम्हारा भी उड़ेगा जिस दिन हम तुम्हे लिखना छोड़ देंगे |

डाल कर...आदत बेपनाह मोहब्बत की...अब वो कहते है...कि...समझा करो वक़्त नही है...

यकीनन हो रही होंगी बैचेनियां तुम्हें भी, ये और बात है कि तुम नजरअंदाज कर रहे हो...

तुमने कहा था आँख भर के देख लिया करो मुझे, मगर अब आँख भर आती है तुम नजर नही आते हो।

एक घुटन सी होती है जीने में जब कोई दिल में तो रहता है पर साथ नहीं

कुछ रुकी रुकी सी है ज़िन्दगी, कुछ चलते फिरते से है हम।

उस दिन चैन तो तुम्हारा भी उड़ेगा जिस दिन हम तुम्हे लिखना छोड़ देंगे |