आ देख मेरी आँखों के ये भीगे हुए मौसम, ये किसने कह दिया कि तुम्हें भूल गये हम।
जीवन बहुत छोटा है, अगर हम रोते हैं!
मत हो इतना उदास, किसी के लिए इस दुनिया में ऐ दोस्त, क्योंकि उनके लिए जान भी दो, तो कहेंगे इसकी जिंदगी ही इतनी थी…
बहुत ज्यादा हॅसने और खुश नज़र आने वाले लोग…. अंदर से टूटे होते है
बारिशें हो ही जाती हैं शहर में फ़राज़, कभी बादलों से तो कभी आँखों से।
निकले जब आँसु आपकी आँखों से, दिल करता है सारी दुनिया जला दु, फिर सोचता हुँ होंगे दुनिया मे आपके भी अपने, कही अनजाने मे तुम्हे और ना रुला दु…
आ देख मेरी आँखों के ये भीगे हुए मौसम, ये किसने कह दिया कि तुम्हें भूल गये हम।
जीवन बहुत छोटा है, अगर हम रोते हैं!
मत हो इतना उदास, किसी के लिए इस दुनिया में ऐ दोस्त, क्योंकि उनके लिए जान भी दो, तो कहेंगे इसकी जिंदगी ही इतनी थी…
बहुत ज्यादा हॅसने और खुश नज़र आने वाले लोग…. अंदर से टूटे होते है
बारिशें हो ही जाती हैं शहर में फ़राज़, कभी बादलों से तो कभी आँखों से।
निकले जब आँसु आपकी आँखों से, दिल करता है सारी दुनिया जला दु, फिर सोचता हुँ होंगे दुनिया मे आपके भी अपने, कही अनजाने मे तुम्हे और ना रुला दु…