न जाने कौन सा आँसू मेरा राज़ खोल दे, हम इस ख़्याल से नज़रें झुकाए बैठे हैं।

न जाने कौन सा आँसू मेरा राज़ खोल दे, हम इस ख़्याल से नज़रें झुकाए बैठे हैं।

Share:

More Like This

जार सी ज़िन्दगी है अरमान बहुत है, हमदर्द कोई नहीं यह, इंसान बहुत है, दिल का दर्द सुनाएं तो सुनाये किसको, जो दिल के करीब है वो अनजान बहुत है.

काश तुम मौत होते, तोह एक दिन ज़रूर मेरे होते

लिखना तो था कि खुश हूँ तेरे वगैर भी, आँसू मगर कलम से पहले ही गिर पड़े।

चैन मिलता था जिसे आ के पनाहों में मेरी, आज देता है वही अश्क निगाहों में मेरी।

ना जाने आखिर इन आँसूओ पे क्या गुजरी, जो दिल से आँख तक आये मगर बह ना सके।

बेखबर बेवजह बेरुखी ना किया कर कोई टूट जाता है तेरा लहजा बदलने से ।

जार सी ज़िन्दगी है अरमान बहुत है, हमदर्द कोई नहीं यह, इंसान बहुत है, दिल का दर्द सुनाएं तो सुनाये किसको, जो दिल के करीब है वो अनजान बहुत है.

काश तुम मौत होते, तोह एक दिन ज़रूर मेरे होते

लिखना तो था कि खुश हूँ तेरे वगैर भी, आँसू मगर कलम से पहले ही गिर पड़े।

चैन मिलता था जिसे आ के पनाहों में मेरी, आज देता है वही अश्क निगाहों में मेरी।

ना जाने आखिर इन आँसूओ पे क्या गुजरी, जो दिल से आँख तक आये मगर बह ना सके।

बेखबर बेवजह बेरुखी ना किया कर कोई टूट जाता है तेरा लहजा बदलने से ।