मेरे दिल का दर्द किसने देखा है, मुझे बस खुदा ने तड़पते देखा है, हम तन्हाई में बैठे रोते है, लोगो ने हमे महफ़िल में हस्ते देखा है।

मेरे दिल का दर्द किसने देखा है, मुझे बस खुदा ने तड़पते देखा है, हम तन्हाई में बैठे रोते है, लोगो ने हमे महफ़िल में हस्ते देखा है।

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लफ्ज ढाई अक्षर ही थे.....कभी प्यार बन गए तो कभी जख्म.......

तेरे दिल के बाजार में मै रोज़ बिकती हुं, कुछ लफ्ज़ तेरी यादों के हर रोज़ लिखती हुं

चुप रहना मेरी ताक़त है कमज़ोरी नहीं, अकेले रहना मेरी चाहत है, मजबूरी नहीं।

बहुत शौक से उतरे थे इश्क के समुन्दर में.. पहली ही लहर ने ऐसा डुबोया कि आज तक किनारा ना मिला

ये जो ज़िन्दगी है ना. तेरे बिन अधूरी है

लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है

लफ्ज ढाई अक्षर ही थे.....कभी प्यार बन गए तो कभी जख्म.......

तेरे दिल के बाजार में मै रोज़ बिकती हुं, कुछ लफ्ज़ तेरी यादों के हर रोज़ लिखती हुं

चुप रहना मेरी ताक़त है कमज़ोरी नहीं, अकेले रहना मेरी चाहत है, मजबूरी नहीं।

बहुत शौक से उतरे थे इश्क के समुन्दर में.. पहली ही लहर ने ऐसा डुबोया कि आज तक किनारा ना मिला

ये जो ज़िन्दगी है ना. तेरे बिन अधूरी है

लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है