मेरी मोहबत की मजार तो आज भी वहीं है, बस तेरे ही सजदे की जगह बदल गई..!!
दोबारा इश्क़ हुआ तो तुझसे हे होगा खफा हूँ मैं बेवफा नहीं
कैसे गुज़र रही है सब पूछते है, कैसे गुजारता हु कोई नहीं पूछता |
मेरी कोशीश हमेशा ही नाकाम रही पहले तूझे पाने की और अब तुझे भुलाने की
इस छोटी सी उम्र में कितना कुछ लिख दिया मैंने, उम्रें लग जायेंगी, तुम्हे मुझे पूरा पढ़ने में।
जब दिल गैरो मैं लग जाए तब अपनों मैं खामिया नजर आने लगती है
मेरी मोहबत की मजार तो आज भी वहीं है, बस तेरे ही सजदे की जगह बदल गई..!!
दोबारा इश्क़ हुआ तो तुझसे हे होगा खफा हूँ मैं बेवफा नहीं
कैसे गुज़र रही है सब पूछते है, कैसे गुजारता हु कोई नहीं पूछता |
मेरी कोशीश हमेशा ही नाकाम रही पहले तूझे पाने की और अब तुझे भुलाने की
इस छोटी सी उम्र में कितना कुछ लिख दिया मैंने, उम्रें लग जायेंगी, तुम्हे मुझे पूरा पढ़ने में।
जब दिल गैरो मैं लग जाए तब अपनों मैं खामिया नजर आने लगती है