आँसू की कीमत वो क्या जाने, जो हर बात पे आँसू बहाते है, इसकी कीमत तो उनसे पूँछो, जो गम में भी मुस्कुराते है…
अभी से क्यों छलक आये तुम्हारी आँख में आँसू, अभी छेड़ी कहाँ है दास्तान-ए-ज़िंदगी मैंने।
बोहुत भीड़ है मोहब्बत के इस शेहेर में, एक बार जो बिछड़ा वापस नहीं मिलता
जीवन बहुत छोटा है, अगर हम रोते हैं!
आज अश्क से आँखों में क्यों हैं आये हुए, गुजर गया है ज़माना तुझे भुलाये हुए।
जो आँसू आँख से अचानक निकल पड़ें, वजह उनकी ज़बान से बयां नहीं होती।
आँसू की कीमत वो क्या जाने, जो हर बात पे आँसू बहाते है, इसकी कीमत तो उनसे पूँछो, जो गम में भी मुस्कुराते है…
अभी से क्यों छलक आये तुम्हारी आँख में आँसू, अभी छेड़ी कहाँ है दास्तान-ए-ज़िंदगी मैंने।
बोहुत भीड़ है मोहब्बत के इस शेहेर में, एक बार जो बिछड़ा वापस नहीं मिलता
जीवन बहुत छोटा है, अगर हम रोते हैं!
आज अश्क से आँखों में क्यों हैं आये हुए, गुजर गया है ज़माना तुझे भुलाये हुए।
जो आँसू आँख से अचानक निकल पड़ें, वजह उनकी ज़बान से बयां नहीं होती।