उसे किस्मत समझ कर सीने से लगाया था, भूल गए थे के किस्मत बदलते देर नहीं लगती।

उसे किस्मत समझ कर सीने से लगाया था, भूल गए थे के किस्मत बदलते देर नहीं लगती।

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कौन कहता है की सिर्फ ‪चोट‬ ही ‪दर्द‬ देता है असली दर्द मुझे तब होता है जब तू Online‬ आके भी Reply‬ नहीं देती…

उसने महबूब ही तो बदला है ताज्जूब कैसा, दूआ कबूल ना हो तो लोग खूदा भी बदल लेते हैं !!

वक़्त अच्छा हो तो आपकी गलती भी मज़ाक लगती है और वक़्त ख़राब हो तो मज़ाक भी गलती बन जाती हैं…..

मोहब्बत किससे और कब हो जाये अदांजा नहीं होता, ये वो घर है, जिसका दरवाजा नहीं होता.

हाथ की नब्ज़ काट बैठा हूँ, शायद तुम दिल से निकल जाओ ख़ून के ज़रिये.

कितने दर्दनाक थे वो मंजर जब हम बिछड़े थे उसने कहा था जीना भी नहीं और रोना भी नहीं.

कौन कहता है की सिर्फ ‪चोट‬ ही ‪दर्द‬ देता है असली दर्द मुझे तब होता है जब तू Online‬ आके भी Reply‬ नहीं देती…

उसने महबूब ही तो बदला है ताज्जूब कैसा, दूआ कबूल ना हो तो लोग खूदा भी बदल लेते हैं !!

वक़्त अच्छा हो तो आपकी गलती भी मज़ाक लगती है और वक़्त ख़राब हो तो मज़ाक भी गलती बन जाती हैं…..

मोहब्बत किससे और कब हो जाये अदांजा नहीं होता, ये वो घर है, जिसका दरवाजा नहीं होता.

हाथ की नब्ज़ काट बैठा हूँ, शायद तुम दिल से निकल जाओ ख़ून के ज़रिये.

कितने दर्दनाक थे वो मंजर जब हम बिछड़े थे उसने कहा था जीना भी नहीं और रोना भी नहीं.