” इश्क में इसलिए भी धोखा खानें लगें हैं लोग दिल की जगह जिस्म को चाहनें लगे हैं लोग..”
है कोई वकील इस जहान में, जो हारा हुआ इश्क जीता दे मुझको.
हम तुम्हें मुफ़्त में जो मिले हैं, क़दर ना करना हक़ है तुम्हारा.
तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गया हूँ।
एक हसरत थी की कभी वो भी हमे मनाये..पर ये कम्ब्खत Dil कभी उनसे रूठा ही नही.
हमे जब नींद आएगी तो इस कदर सोएंगे के लोग रोएंगे हमे जगाने के लिए!
” इश्क में इसलिए भी धोखा खानें लगें हैं लोग दिल की जगह जिस्म को चाहनें लगे हैं लोग..”
है कोई वकील इस जहान में, जो हारा हुआ इश्क जीता दे मुझको.
हम तुम्हें मुफ़्त में जो मिले हैं, क़दर ना करना हक़ है तुम्हारा.
तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गया हूँ।
एक हसरत थी की कभी वो भी हमे मनाये..पर ये कम्ब्खत Dil कभी उनसे रूठा ही नही.
हमे जब नींद आएगी तो इस कदर सोएंगे के लोग रोएंगे हमे जगाने के लिए!