खो जाओ मुझ में तो मालूम हो कि दर्द क्या है? ये वो किस्सा है जो जुबान से बयाँ नही होता।

खो जाओ मुझ में तो मालूम हो कि दर्द क्या है? ये वो किस्सा है जो जुबान से बयाँ नही होता।

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बारिश की बूँदों में झलकती है तस्वीर उनकी‬‎ और हम उनसे मिलनें की चाहत में भीग जाते हैं‬…

मुझे गरुर था उसकी मोह्ब्बत पर, वो अपनी शोहरत मे हमे भूल गया.

हाथ की नब्ज़ काट बैठा हूँ, शायद तुम दिल से निकल जाओ ख़ून के ज़रिये.

ख़ामोशी बहुत कुछ कहती हे कान लगाकर नहीं, दिल लगाकर सुनो।

सुना है तुम्हारी एक निगाह से कत्ल होते हैं लोग, एक नज़र हमको भी देख लो.. ज़िन्दगी अच्छी नहीं लगती.

तुम अपने दिल को बेकरार किया करो, मेरी मोहब्बत पर ऐतबार किया करो, तुमसे जुदा होकर जी नहीं सकूंगा, कभी तुम भी मोहब्बत का इज़हार किया करो

बारिश की बूँदों में झलकती है तस्वीर उनकी‬‎ और हम उनसे मिलनें की चाहत में भीग जाते हैं‬…

मुझे गरुर था उसकी मोह्ब्बत पर, वो अपनी शोहरत मे हमे भूल गया.

हाथ की नब्ज़ काट बैठा हूँ, शायद तुम दिल से निकल जाओ ख़ून के ज़रिये.

ख़ामोशी बहुत कुछ कहती हे कान लगाकर नहीं, दिल लगाकर सुनो।

सुना है तुम्हारी एक निगाह से कत्ल होते हैं लोग, एक नज़र हमको भी देख लो.. ज़िन्दगी अच्छी नहीं लगती.

तुम अपने दिल को बेकरार किया करो, मेरी मोहब्बत पर ऐतबार किया करो, तुमसे जुदा होकर जी नहीं सकूंगा, कभी तुम भी मोहब्बत का इज़हार किया करो