दिल मेरा कूछ टूटा हुआ सा है, उससे कूछ रुठा हुआ सा है.

दिल मेरा कूछ टूटा हुआ सा है, उससे कूछ रुठा हुआ सा है.

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दर्द तो तब होता है जब हमें किसी से प्यार हो और उनके दिल में कोई और हो

हाथ की नब्ज़ काट बैठा हूँ, शायद तुम दिल से निकल जाओ ख़ून के ज़रिये.

धड़कने मेरी बेचैन रहती है आजकल, क्यूंकि तेरे बगैर ये धड़कती कम और तड़पती ज्यादा है.

किसी ने धूल क्या झोंकी आखों में, पहले से बेहतर दिखने लगा है.

तरस गए हैं तेरे Muh से कुछ सुनने को हम, Pyaar की बात न सही कोई शिकायत ही कर दे..!!

जरा ठहर ऐ जिंदगी तुझे भी सुलझा दूंगा, पहले उसे तो मना लूं जिसकी वजह से तू उलझी है.

दर्द तो तब होता है जब हमें किसी से प्यार हो और उनके दिल में कोई और हो

हाथ की नब्ज़ काट बैठा हूँ, शायद तुम दिल से निकल जाओ ख़ून के ज़रिये.

धड़कने मेरी बेचैन रहती है आजकल, क्यूंकि तेरे बगैर ये धड़कती कम और तड़पती ज्यादा है.

किसी ने धूल क्या झोंकी आखों में, पहले से बेहतर दिखने लगा है.

तरस गए हैं तेरे Muh से कुछ सुनने को हम, Pyaar की बात न सही कोई शिकायत ही कर दे..!!

जरा ठहर ऐ जिंदगी तुझे भी सुलझा दूंगा, पहले उसे तो मना लूं जिसकी वजह से तू उलझी है.