तुम्हे ना पाना शायद बेहतर है, पा के फिर से तुम्हे गवाने से.

तुम्हे ना पाना शायद बेहतर है, पा के फिर से तुम्हे गवाने से.

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जिंदगी मेरे कानो मे अभी होले से कुछ कह गई, उन रिश्तो को संभाले रखना जिनके बिन गुज़ारा नहीं होता.

दिल मेरा कूछ टूटा हुआ सा है, उससे कूछ रुठा हुआ सा है.

कुछ पन्ने क्या फटे ज़िन्दगी की किताब के, ज़माने ने समझा हमारा दौर ही ख़त्म हो गया.

बारिश की बूँदों में झलकती है तस्वीर उनकी‬‎ और हम उनसे मिलनें की चाहत में भीग जाते हैं‬…

उसे किस्मत समझ कर सीने से लगाया था, भूल गए थे के किस्मत बदलते देर नहीं लगती।

हम तुम्हें मुफ़्त में जो मिले हैं, क़दर ना करना हक़ है तुम्हारा.

जिंदगी मेरे कानो मे अभी होले से कुछ कह गई, उन रिश्तो को संभाले रखना जिनके बिन गुज़ारा नहीं होता.

दिल मेरा कूछ टूटा हुआ सा है, उससे कूछ रुठा हुआ सा है.

कुछ पन्ने क्या फटे ज़िन्दगी की किताब के, ज़माने ने समझा हमारा दौर ही ख़त्म हो गया.

बारिश की बूँदों में झलकती है तस्वीर उनकी‬‎ और हम उनसे मिलनें की चाहत में भीग जाते हैं‬…

उसे किस्मत समझ कर सीने से लगाया था, भूल गए थे के किस्मत बदलते देर नहीं लगती।

हम तुम्हें मुफ़्त में जो मिले हैं, क़दर ना करना हक़ है तुम्हारा.