माँ कहती है मेरी दौलत है तू,,, और बेटा किसी और को ज़िन्दगी मान बैठा है.
एक हसरत थी की कभी वो भी हमे मनाये..पर ये कम्ब्खत Dil कभी उनसे रूठा ही नही.
मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी..!!
वो कहती है की बहुत मजबूरियां है मेरी, साफ़ शब्दों में खुद को “बेवफ़ा” नहीं कहती.
मेरी दिल की दिवार पर तस्वीर हो तेरी _और तेरे हाथों में हो तकदीर मेरी!
कुछ नहीं है आज मेरे शब्दों के गुलदस्ते में, कभी कभी मेरी खामोशियाँ भी पढ लिया करो…!!
माँ कहती है मेरी दौलत है तू,,, और बेटा किसी और को ज़िन्दगी मान बैठा है.
एक हसरत थी की कभी वो भी हमे मनाये..पर ये कम्ब्खत Dil कभी उनसे रूठा ही नही.
मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी..!!
वो कहती है की बहुत मजबूरियां है मेरी, साफ़ शब्दों में खुद को “बेवफ़ा” नहीं कहती.
मेरी दिल की दिवार पर तस्वीर हो तेरी _और तेरे हाथों में हो तकदीर मेरी!
कुछ नहीं है आज मेरे शब्दों के गुलदस्ते में, कभी कभी मेरी खामोशियाँ भी पढ लिया करो…!!