माँ कहती है मेरी दौलत है तू,,, और बेटा किसी और को ज़िन्दगी मान बैठा है.
प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम…
तरसेगा जब दिल तुम्हारा, मेरी मुलाकात को, ख्वाबों मे होंगे तुम्हारे हम, उसी रात को.
ऐ जिंदगी ख़त्म कर अब ये तमासा♫ मैं थक गया हूँ दिल को तसल्लियाँ देते देते
कुछ पन्ने क्या फटे ज़िन्दगी की किताब के, ज़माने ने समझा हमारा दौर ही ख़त्म हो गया.
दर्द तो तब होता है जब हमें किसी से प्यार हो और उनके दिल में कोई और हो
माँ कहती है मेरी दौलत है तू,,, और बेटा किसी और को ज़िन्दगी मान बैठा है.
प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम…
तरसेगा जब दिल तुम्हारा, मेरी मुलाकात को, ख्वाबों मे होंगे तुम्हारे हम, उसी रात को.
ऐ जिंदगी ख़त्म कर अब ये तमासा♫ मैं थक गया हूँ दिल को तसल्लियाँ देते देते
कुछ पन्ने क्या फटे ज़िन्दगी की किताब के, ज़माने ने समझा हमारा दौर ही ख़त्म हो गया.
दर्द तो तब होता है जब हमें किसी से प्यार हो और उनके दिल में कोई और हो