सच केह रहा हैं ये दीवाना, दिल ना किसी से लगाना!

सच केह रहा हैं ये दीवाना, दिल ना किसी से लगाना!

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सुन रहा हैं न तू रो रहा हूँ मैं

दर्द दिलो के कम होजाते अगर में और तुम हम होजाते!

कोई मुझको यूँ मिला हैं जैसे बंजारे को घर

सुन रहा हैं न तू रो रहा हूँ मैं

दर्द दिलो के कम होजाते अगर में और तुम हम होजाते!

कोई मुझको यूँ मिला हैं जैसे बंजारे को घर