कोई मुझको यूँ मिला हैं जैसे बंजारे को घर
सच केह रहा हैं ये दीवाना, दिल ना किसी से लगाना!
दर्द दिलो के कम होजाते अगर में और तुम हम होजाते!
सुन रहा हैं न तू रो रहा हूँ मैं