वक़्त अच्छा हो तो आपकी गलती भी मज़ाक लगती है और वक़्त ख़राब हो तो मज़ाक भी गलती बन जाती हैं…..

वक़्त अच्छा हो तो आपकी गलती भी मज़ाक लगती है और वक़्त ख़राब हो तो मज़ाक भी गलती बन जाती हैं…..

Share:

More Like This

तरसेगा जब दिल तुम्हारा, मेरी मुलाकात को, ख्वाबों मे होंगे तुम्हारे हम, उसी रात को.

कल रात मैंने अपने दिल से भी रिश्ता तोड़ दिया, पागल तेरे को भूल जाने की सलाह दे रहा था.

बारिश की बूँदों में झलकती है तस्वीर उनकी‬‎ और हम उनसे मिलनें की चाहत में भीग जाते हैं‬…

तूने फेसले ही फासले बढाने वाले किये थे, वरना कोई नहीं था, तुजसे ज्यादा करीब मेरे…

तुम अपने दिल को बेकरार किया करो, मेरी मोहब्बत पर ऐतबार किया करो, तुमसे जुदा होकर जी नहीं सकूंगा, कभी तुम भी मोहब्बत का इज़हार किया करो

ऐसा करो, बिछड़ना है तो, रूह से निकल जाओ, रही बात दिल की, उसे हम देख लेंगे.

तरसेगा जब दिल तुम्हारा, मेरी मुलाकात को, ख्वाबों मे होंगे तुम्हारे हम, उसी रात को.

कल रात मैंने अपने दिल से भी रिश्ता तोड़ दिया, पागल तेरे को भूल जाने की सलाह दे रहा था.

बारिश की बूँदों में झलकती है तस्वीर उनकी‬‎ और हम उनसे मिलनें की चाहत में भीग जाते हैं‬…

तूने फेसले ही फासले बढाने वाले किये थे, वरना कोई नहीं था, तुजसे ज्यादा करीब मेरे…

तुम अपने दिल को बेकरार किया करो, मेरी मोहब्बत पर ऐतबार किया करो, तुमसे जुदा होकर जी नहीं सकूंगा, कभी तुम भी मोहब्बत का इज़हार किया करो

ऐसा करो, बिछड़ना है तो, रूह से निकल जाओ, रही बात दिल की, उसे हम देख लेंगे.