अपना किसी को बनने में देर लगती है, वादा निभाने में बहुत देर लगती है, प्यार तो एक नज़र में भी हो जाता है, मगर उसे भुलाने में उम्र लगती है.
कुछ नहीं है आज मेरे शब्दों के गुलदस्ते में, कभी कभी मेरी खामोशियाँ भी पढ लिया करो…!!
कौन कहता है की सिर्फ चोट ही दर्द देता है असली दर्द मुझे तब होता है जब तू Online आके भी Reply नहीं देती…
दिल मेरा कूछ टूटा हुआ सा है, उससे कूछ रुठा हुआ सा है.
उसने कहा था आँख भरके देखा करो, अब आँख भर आती हैं पर वो नज़र नहीं आती!
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं!
अपना किसी को बनने में देर लगती है, वादा निभाने में बहुत देर लगती है, प्यार तो एक नज़र में भी हो जाता है, मगर उसे भुलाने में उम्र लगती है.
कुछ नहीं है आज मेरे शब्दों के गुलदस्ते में, कभी कभी मेरी खामोशियाँ भी पढ लिया करो…!!
कौन कहता है की सिर्फ चोट ही दर्द देता है असली दर्द मुझे तब होता है जब तू Online आके भी Reply नहीं देती…
दिल मेरा कूछ टूटा हुआ सा है, उससे कूछ रुठा हुआ सा है.
उसने कहा था आँख भरके देखा करो, अब आँख भर आती हैं पर वो नज़र नहीं आती!
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं!