अब तो खुद को भी निखारा नहीं जाता मुझसे _वे भी क्या दिन थे कि तुमको भी संवारा हमने ...?

अब तो खुद को भी निखारा नहीं जाता मुझसे _वे भी क्या दिन थे कि तुमको भी संवारा हमने ...?

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आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....

बहुत याद आते हो तुम, दुआ करो मेरी यादाश्ति चली जाये

छोड दी हमने हमेशा के लिए उसकी आरजू करना…जिसे मोहब्बत की कद्र ना हो उसे दुआओ मे क्या मांगना

जिसकी सजा तुम हो, मुझे ऐसा कोई गुनाह करना है.

आदत बदल सी गई है वक़्त काटने की, हिम्मत ही नहीं होती अपना दर्द बांटने की

दिल धोखे में है और धोखेबाज़ दिल में

आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....

बहुत याद आते हो तुम, दुआ करो मेरी यादाश्ति चली जाये

छोड दी हमने हमेशा के लिए उसकी आरजू करना…जिसे मोहब्बत की कद्र ना हो उसे दुआओ मे क्या मांगना

जिसकी सजा तुम हो, मुझे ऐसा कोई गुनाह करना है.

आदत बदल सी गई है वक़्त काटने की, हिम्मत ही नहीं होती अपना दर्द बांटने की

दिल धोखे में है और धोखेबाज़ दिल में