विद्या निरंतरता से अक्षुण्ण बनी रहती है. आलस्य से उसका लोप हो जाता है. धन यदि दूसरे के पास है तो अपना होने पर भी वह जरूरत पड़ने पर काम नहीं आता है. खेत में बिज न पड़े तो वह बंजर हो जाता है, उसी प्रकार कुशल सेनापति के अभाव में चतुरंगिणी सेना भी नष्ट हो जाती है.

विद्या निरंतरता से अक्षुण्ण बनी रहती है. आलस्य से उसका लोप हो जाता है. धन यदि दूसरे के पास है तो अपना होने पर भी वह जरूरत पड़ने पर काम नहीं आता है. खेत में बिज न पड़े तो वह बंजर हो जाता है, उसी प्रकार कुशल सेनापति के अभाव में चतुरंगिणी सेना भी नष्ट हो जाती है.

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जब तक हम किसी भी काम को करने की कोशिश नही करते हैं, जब तक हमे वो काम नामुमकिन ही लगता है

सिर्फ अपनी नही बल्कि दुसरो की गलतियों से भी सीखो, क्योंकि लक्ष्य बड़ा है और समय कम

हमेशा दूसरों की सफलता के बारे में जानने के बजाय खुद की सफलता पर काम कीजिए

रिश्ता चाहे इस धरती पर कोई भी हो, सबका सिर्फ एक ही पासवर्ड है भरोसा

सच्चाई के रास्ते पर चलने में फायदा है क्योंकि इस रास्ते मे "भीड़ कम" मिलती है

कुछ सहन करना सीखना चाहिए क्योंकि हममें भी ऐसी बहुत सी कमियां है जिन्हें दूसरे लोग सहन करते है

जब तक हम किसी भी काम को करने की कोशिश नही करते हैं, जब तक हमे वो काम नामुमकिन ही लगता है

सिर्फ अपनी नही बल्कि दुसरो की गलतियों से भी सीखो, क्योंकि लक्ष्य बड़ा है और समय कम

हमेशा दूसरों की सफलता के बारे में जानने के बजाय खुद की सफलता पर काम कीजिए

रिश्ता चाहे इस धरती पर कोई भी हो, सबका सिर्फ एक ही पासवर्ड है भरोसा

सच्चाई के रास्ते पर चलने में फायदा है क्योंकि इस रास्ते मे "भीड़ कम" मिलती है

कुछ सहन करना सीखना चाहिए क्योंकि हममें भी ऐसी बहुत सी कमियां है जिन्हें दूसरे लोग सहन करते है