ब्राह्मण, गुरु, अग्नि, कुंवारी कन्या, बालक, और वृद्धों को पेरो से नहीं छूना चाहिए. ये सभी आदरणीय है. हमें इन्हें आदर-सम्मान देना चाहिए.

ब्राह्मण, गुरु, अग्नि, कुंवारी कन्या, बालक, और वृद्धों को पेरो से नहीं छूना चाहिए. ये सभी आदरणीय है. हमें इन्हें आदर-सम्मान देना चाहिए.

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अच्छे इन्सान की सबसे पहली और सबसे आखिरी निशानी ये है कि वो उन लोगों की भी इज्जत करता है जिनसे उसे किसी किस्म के फायदे की उम्मीद नही होती..!

याद रखना, सपना तुम्हारे है, तो पूरा भी तुम ही करोगे .! न ही हालात तुम्हारे हिसाब से होंगे और न लोग

सफलता पहले से की गई तैयारी पर निर्भर है और बिना तैयारी के असफलता निश्चित है

कभी दूसरों को दिखाने के लिए कोई काम मत करना काम ऐसे करें, कि सभी आपको देखते ही रह जाए

पैर में मोच और गिरी हुई सोच, कभी इंसान को आगे बढ़ने नहीं देती

आजादी अच्छी चीज है, लेकिन ? कबूतर को ? आजाद कराने के लिए पिजरे का दरवाजा बिल्ली खोले तो समझदारी पिंजरे में रहने में ही है..!!

अच्छे इन्सान की सबसे पहली और सबसे आखिरी निशानी ये है कि वो उन लोगों की भी इज्जत करता है जिनसे उसे किसी किस्म के फायदे की उम्मीद नही होती..!

याद रखना, सपना तुम्हारे है, तो पूरा भी तुम ही करोगे .! न ही हालात तुम्हारे हिसाब से होंगे और न लोग

सफलता पहले से की गई तैयारी पर निर्भर है और बिना तैयारी के असफलता निश्चित है

कभी दूसरों को दिखाने के लिए कोई काम मत करना काम ऐसे करें, कि सभी आपको देखते ही रह जाए

पैर में मोच और गिरी हुई सोच, कभी इंसान को आगे बढ़ने नहीं देती

आजादी अच्छी चीज है, लेकिन ? कबूतर को ? आजाद कराने के लिए पिजरे का दरवाजा बिल्ली खोले तो समझदारी पिंजरे में रहने में ही है..!!