लोग पूछते है ... भाई क्या नाम था उसका ..? मैं भी मुस्कुरा कर कह देता हूँ, उसका नाम हर किसी के लब पर अच्छा नहीं लगता मुझे...

लोग पूछते है ... भाई क्या नाम था उसका ..? मैं भी मुस्कुरा कर कह देता हूँ, उसका नाम हर किसी के लब पर अच्छा नहीं लगता मुझे...

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जब कोई आपकी नाराज़गी की फ़िक्र करना छोड़ दे तो समझ लेना रिश्ता ख़तम मजबूरी शुरू

पहले चुभा बहुत अब आदत सी हैं, ये दर्द पहले था अब इबादत सी हैं |

दर्द सहते सहते इंसान सिर्फ हसना नहीं रोना भी छोड़ देता है

चलते रहेंगे क़ाफ़िले मेरे बग़ैर भी यहाँ.एक तारा टूट जाने से, फ़लक़ सूना नहीं होता

मुझको धुंड लेता है रोज किसी बहानोंसे दर्द हो गया है वाक़िफ़ मेरे ठीकानोंसे

जान लेने पे तुले हे दोनो मेरी..इश्क हार नही मानता..दिल बात नही मानता।

जब कोई आपकी नाराज़गी की फ़िक्र करना छोड़ दे तो समझ लेना रिश्ता ख़तम मजबूरी शुरू

पहले चुभा बहुत अब आदत सी हैं, ये दर्द पहले था अब इबादत सी हैं |

दर्द सहते सहते इंसान सिर्फ हसना नहीं रोना भी छोड़ देता है

चलते रहेंगे क़ाफ़िले मेरे बग़ैर भी यहाँ.एक तारा टूट जाने से, फ़लक़ सूना नहीं होता

मुझको धुंड लेता है रोज किसी बहानोंसे दर्द हो गया है वाक़िफ़ मेरे ठीकानोंसे

जान लेने पे तुले हे दोनो मेरी..इश्क हार नही मानता..दिल बात नही मानता।