लोग पूछते है ... भाई क्या नाम था उसका ..? मैं भी मुस्कुरा कर कह देता हूँ, उसका नाम हर किसी के लब पर अच्छा नहीं लगता मुझे...

लोग पूछते है ... भाई क्या नाम था उसका ..? मैं भी मुस्कुरा कर कह देता हूँ, उसका नाम हर किसी के लब पर अच्छा नहीं लगता मुझे...

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हद है यार.. प्यार भी हम ही करे, निभाए भी हम ही और छोड़ कर वो चला जाए तो रोये भी हम ही..

सिर्फ एक बहाने की तलाश होती है निभाने वाले को भी, और जाने वाले को भी

रिश्ते वेहम से भी ख़तम हो जाते हैं, अक्सर क़ुसूर हमेशा गलतियों का नहीं होता

वो जा रहा है छोड़ कर..बताओ रास्ता दूँ या वास्ता दूँ...?

बात ये नहीं थी, कुछ कहना था तुम्हें.. तकलीफ़ ये है, कि तुम ख़ामोश क्यूँ रहे..

दर्द सहने की कुछ यु आदत सी हो गई है.... की अब दर्द न मिले तो दर्द सा होता है

हद है यार.. प्यार भी हम ही करे, निभाए भी हम ही और छोड़ कर वो चला जाए तो रोये भी हम ही..

सिर्फ एक बहाने की तलाश होती है निभाने वाले को भी, और जाने वाले को भी

रिश्ते वेहम से भी ख़तम हो जाते हैं, अक्सर क़ुसूर हमेशा गलतियों का नहीं होता

वो जा रहा है छोड़ कर..बताओ रास्ता दूँ या वास्ता दूँ...?

बात ये नहीं थी, कुछ कहना था तुम्हें.. तकलीफ़ ये है, कि तुम ख़ामोश क्यूँ रहे..

दर्द सहने की कुछ यु आदत सी हो गई है.... की अब दर्द न मिले तो दर्द सा होता है